शीत ऋतु पर निबंध – Essay on Winter Season in Hindi

Essay on Winter Season in Hindi : आज हमने शीत ऋतु पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 & 9 के विद्यार्थियों के लिए है।

सर्दियों का मौसम बहुत ही अच्छा और सुहावना मौसम होता है इस समय ठंडी ठंडी हवा चल रही होती है नीला आसमान होता है सुबह-शाम कोहरा पड़ता है।

शरद ऋतु का वर्णन हमने छोटी कक्षा और बड़ी कक्षा के विद्यार्थियों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग निबंधों के माध्यम से किया है।

Essay On Winter Season in Hindi

Get Some Essay on Winter Season in Hindi for class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 & 9 Students.

10 Line Essay on Winter Season in Hindi


(1) शीत ऋतु नवंबर माह में प्रारंभ होती है और फरवरी माह तक चलती है।

(2) शीत ऋतु के प्रारंभ होते ही दिन छोटे और रात बड़ी होने लग जाती है।

(3) सर्दियों में धूप का प्रभाव कम हो जाता है और उत्तर दिशा की ओर से हवाएं चलने लग जाते है।

(4) इन दिनों में सभी लोग गर्म कपड़े स्वेटर, कोट, कंबल, रजाई इत्यादि का इस्तेमाल करते है।

(5) सर्दियों में पाचन शक्ति मजबूत हो जाती है इसलिए सभी लोग अच्छा भोजन खाकर सेहत बनाते है।

(6) सर्दियों के दिनों में गांव के लोग सुबह शाम आग जलाकर सर्दी से अपना बचाव करते है।

(7) इन दिनों में दीपावली, लोहड़ी, क्रिसमस जैसे बड़े-बड़े त्यौहार आते है जिनका लोग खूब आनंद उठाते है।

(8) शरद ऋतु में फल और सब्जियों का अच्छी मात्रा में उत्पादन होता है।

(9) दिसंबर और जनवरी माह में बहुत अधिक ठंड के साथ कोहरा भी हो जाता है जिससे कुछ दिखाई नहीं देता है।

(10) इस समय स्कूलों का समय 10:00 बजे से लेकर 4:00 बजे तक होता है।

Sardi ka Mausam Short Essay in Hindi 250 words


भूमिका –

वर्षा ऋतु के पश्चात शरद ऋतु का आगमन होता है नवंबर माह से प्रारंभ होकर सर्दियां फरवरी माह में खत्म हो जाती है। इस समय मौसम ठंडा और सुहावना हो जाता है।

यह मौसम प्रकृति की अनुपम देन है क्योंकि हमारे भारत देश में गर्मी स्थानों पर भी ठंड का मौसम आता है जोकि सभी लोगों को पसंद होता है।

शीत ऋतु का महत्व –

शीत ऋतु के प्रारंभ होते ही किसान अपनी नई फसल बोने के लिए तैयार हो जाते है। इस ऋतु में सभी को अच्छा और पौष्टिक भोजन मिलता है।

क्योंकि इस समय सभी प्रकार की सब्जियां जैसे बंद गोभी, फूल गोभी, सेम, मटर आलू, मूली, गाजर और फलों में सेव पपीता अंगूर इत्यादि भरपूर मात्रा में उपलब्ध होते है।

ठंडा मौसम होने के कारण सभी लोगों की स्वास्थ्य प्रणाली अच्छी होती है और लोग पूरे दिन कार्य कर सकते हैं और लंबी रात होने के कारण अच्छे से सो भी सकते है।

शरद ऋतु में भारत का सबसे बड़ा त्योहार दीपावली मनाया जाता है इसके साथ ही लोहरी, दशहरा, नवरात्रि, गोवर्धन पूजा, भाई दूज, छठ पूजा जैसे अनेकों त्योहार मनाए जाते है।

इन त्योहारों की चकाचौंध और खुशियों से लोगों का मन झूम उठता है।

निष्कर्ष –

शीत ऋतु हमारे भारत देश के लिए बहुत ही आवश्यक है क्योंकि यहां पर अधिकतर समय गर्मी ही पड़ती है इसलिए लोगों को शीत ऋतु आने का बहुत ही अच्छा रहता है।

यह प्रकृति और मनुष्य दोनों के लिए लाभकारी है। सर्दियों का मौसम सभी को अच्छा लगता है सभी लोग दिन के समय धूप का आनंद उठाते हैं और शाम होते ही अलाव या अंगीठी जलाकर सर्दी के मौसम का आनंद लेते है।

Best Long Essay on Winter Season in Hindi


प्रस्तावना –

शीत ऋतु का मौसम स्वास्थ्यवर्धक और सुहावना होता है इस मौसम के आने का सभी भारतीयों को बड़ी बेसब्री से इंतजार होता है।

ठंडे मौसम का कारण सूर्य की किरणें धरती पर बहुत कम समय के लिए और सीधे नहीं पड़ती हैं जिसके कारण वातावरण ठंडा होने लग जाता है

और उत्तर भारत के पहाड़ों पर बहुत अधिक बर्फबारी होती है और इसी समय उत्तर की ओर से हवाई चलने लग जाती हैं जोकि पूरे भारत में ठंडी हवा फैला देती है जिससे पूरा वातावरण ठंडा हो जाता है।

शीत ऋतु की समय अवधि –

शीत ऋतु नवंबर माह में प्रारंभ होती है लेकिन दिसंबर और इन जनवरी माह में बहुत कड़ाके की ठंड पड़ती है। हिंदू महीनों के अनुसार कार्तिक, अगहन, पोष और माघ – चार महीने सर्दी पड़ती है।

शीत ऋतु का प्राकृतिक दृश्य –

शीत ऋतु का मौसम अन्य ऋतुऔ की तुलना में बिल्कुल ही भिन्न होता है, इस समय दिन का समय बहुत छोटा होता है और रात का समय बहुत बड़ा होता है।

शरद ऋतु में सुबह ओस छाई रहती है जिसके कारण थोड़ी सी दूरी पर भी दिखाई नहीं देता है और मौसम इतना ठंडा होता है कि लोग रजाई से बाहर ही नहीं निकलना चाहते है।

इस समय सभी पेड़ों का विकास रुक जाता है और उनके पत्ते धीरे-धीरे झड़ते रहते है कई पेड़ पौधों के पत्तों का रंग रंग बिरंगा हो जाता है जो कि सभी लोगों का मनमोहित कर लेते है।

पहाड़ी इलाकों पर बर्फबारी होती है इसमें ऐसा लगता है कि पहाड़ों ने कोई सफेद चादर ओढ़ ली हो और जब सूर्य की किरण बर्फ पर पड़ती है तो खुले नीले आसमान के तले एक अलग ही चमक दिखाई देती है

यह बहुत ही अद्भुत दृश्य होता है जिसको देखने के लिए हजारों की संख्या में पर्यटक पहाड़ों पर जाते है। संध्या के समय जैसे-जैसे दिन ढलता है वैसे-वैसे ठंड बढ़ने लग जाती है।

समय खेतों में सरसों की फसल की बुवाई की जाती है और सरसों की फसल पर जब पीले रंग के फूल आते है तो यह नजारा किसी जन्नत से कम नहीं होता है।

शीत ऋतु की दिनचर्या –

सर्दियों में सभी लोगों के साथ साथ अन्य प्राणियों की दिनचर्या में भी बदलाव आ जाता है। इस समय ठंड अधिक होने के कारण सभी लोग स्वेटर, मफलर, कोट, दस्ताने इत्यादि पहन कर चलते है।

मौसम सुहावना होने के कारण लोग आलस्य कम करते है। सुबह होते ही लोग कसरत, व्यायाम इत्यादि करने लग जाते है।
गांव के बुजुर्ग लोग और बच्चे अंगीठी और अलाव जलाकर हाथ तापते नजर आते है। इस समय स्कूलों और कार्यालय का समय सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक कर दिया जाता है।

ठंड अधिक होने के कारण लोग अपने घर से निकलना कम ही पसंद करते है दोपहर के समय में लोग घरों की छतों पर धूप में बैठते है और ठंड से राहत पाते है।

सर्दियों के मौसम में दिन छोटे होते है इसलिए शाम जल्दी हो जाती है और लोग भी अपने-अपने घरों में जल्दी लौट जाते हैं क्योंकि शाम को ठंड अधिक हो जाती है।

संध्या के समय ही लोग रजाई में दुबकना शुरू कर देते है और अपना मनपसंद गरम गरम भोजन करते है फिर टेलीविजन पर मनोरंजन कार्यक्रम देख कर सो जाते है।

ठंड के मौसम में ठंडी तेज हवाएं चलती हैं जिसके कारण बुजुर्गों और बच्चों को अधिक सावधानी रखनी पड़ती है। सर्दियों के मौसम में किसान भी अधिक कार्य कर पाता है क्योंकि उसको गर्मी और धूप को सहना नहीं पड़ता है।

शीत ऋतु और स्वास्थ्य –

ठंड के मौसम में सभी लोगों का स्वास्थ्य अच्छा होता है क्योंकि इस समय पाचन शक्ति मजबूत हो जाती है और लोगों को भूख भी अधिक लगती है।

पाचन शक्ति मजबूत होने के कारण हम जो भी खाते हैं वह हमारे शरीर को मजबूत और हष्ट पुष्ट बनाता है। ठंडा मौसम होने के कारण लोग अधिक समय तक व्यायाम करते है जिसके कारण उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

शीत ऋतु में सभी प्रकार की ताजा सब्जियां और फल उपलब्ध रहते है जिनसे स्वास्थ्य अच्छा रहता है। लेकिन ठंड के कारण बुजुर्गों और छोटे बच्चों को परेशानी होती है उनका शरीर तेज ठंड को बर्दाश्त नहीं कर पाता है जिसके कारण वे बीमार पड़ जाते है।

शीत ऋतु की विशेषता –

शीत ऋतु आते है गर्मी से छुटकारा मिल जाता है जिसके कारण लोग दिनभर घूम सकते है इसी के कारण ज्यादातर लोग सर्दियों में घूमना पसंद करते है।

मौसम का मिजाज इतना ठंडा और सुहावना होता है कि लोग गर्म कपड़े पहन कर इसका खूब आनंद उठाते है। सर्दियों में दिन छोटे होते हैं और रात बड़ी होती है जिसके कारण लोग पूरी नींद लेते है।

इस समय ढेर सारी पौष्टिक सब्जियां जैसे पत्ता गोभी, फूल गोभी, मूली, गाजर, मटर, टमाटर, धनिया, पालक, लोकी और फलों में सेब, संतरा, पपीता, अंगूर, अनार इत्यादि फलों से बाजार भर जाते है।

ज्यादातर लोग इस समय गर्म चीजें खाना पसंद करते हैं जैसे समोसे, कचोरी, पकोड़े, तिल, गुड़ इनसे शरीर गर्म रहता है और ठंड में खाने से इन चीजों से कोई नुकसान नहीं होता है।

इस समय तरह तरह के फूलों से बागान पट जाते है जो देखने में बहुत ही सुंदर लगते है। इस समय गेहूं, मूंगफली, बाजरा इत्यादि फसलें बहुत अच्छी होती है।
शीत ऋतु में भारत के बहुत से मुख्य त्योहार मनाए जाते हैं जैसे दीपावली, दशहरा, नवरात्रि, भाई दूज, गोवर्धन, नया साल, मकर सक्रांति, छठ पूजा इत्यादि है इन त्योहारों के कारण शीत ऋतु का आनंद और भी बढ़ जाता है।

उपसंहार –

हमारे पर्यावरण के लिए सभी प्रकार की ऋतुए आवश्यक है लेकिन ठंड का मौसम सभी को पसंद होता है और यह कुछ समय के लिए ही जाता है इसलिए सभी लोग इस का आनंद उठाते है।

शीत ऋतु में चारों ओर का वातावरण ठंडा और सुहावना होता है जो कि सभी प्राणियों को पसंद आता है। यह मौसम स्वास्थ्य निर्माण के लिए बहुत ही अच्छा होता है।

इस समय कहीं पर बर्फ गिर रही होती है तो कहीं पर ठंडी हवा चल रही होती है और मैदानी इलाकों में बागान फूलों से लग जाते है। खेतों में सरसों की फसल के पीले पुष्प ऐसे लहराते हैं मानो धरती ने पीली चादर ओढ़ ली हो।


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