नए साल पर निबंध – Essay on New Year in Hindi

Essay on New Year in Hindi : आज हमने नए साल पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12 के विद्यार्थियों के लिए है।

पूरे विश्व भर में नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है, इसका स्वागत करने के लिए लोग 31 दिसंबर की रात से ही बड़े ही हर्षोल्लास से स्वागत में जुट जाते है।

नव वर्ष हमेशा नई आशाएं लेकर आता है जो कि सभी के जीवन में खुशियां बिखेर देता है।

Essay on New Year in Hindi

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10 Line Essay on New Year in Hindi


(1) जूलियन कैलेंडर के अनुसार प्रतिवर्ष नया साल 1 जनवरी को मनाया जाता है।

(2) नए साल का यह उत्सव लगभग सभी देशों में बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है।

(3) नए साल के पहले दिन लोग रात के 12:00 बजने से पहले खूब मनोरंजन करते है।

(4) नए साल के दिन सभी लोग नए कपड़े पहनते है एक दूसरे को बधाइयां देते है।

(5) इस दिन सभी अपने जीवन में नया संकल्प लेते है और पूरे साल पर उसको पूरा करने का प्रयास करते है।

(6) विद्यालयो में भी नए साल के उपलक्ष पर कई प्रकार की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है।

(7) नए साल के अवसर पर बाजार में रौनक बढ़ जाती है सभी जगह रंग बिरंगी लाइटों के सजावट की जाती है

(8) कुछ देशों में नए साल के अवसर पर राजकीय अवकाश होता है इसलिए लोग पिकनिक मनाने के लिए जाते है।

(9) नए साल के अवसर पर तरह-तरह की आतिशबाजी, नृत्य प्रतियोगिता, गायन प्रतियोगिता आदि की जाती है

(10) नया साल नई आशाएं लेकर आता है हमेशा हमें हर परिस्थिति में खुश रहना चाहिए।

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नव वर्ष का यह उत्सव पूरी दुनिया में बड़ी ही धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया जाता है। सभी लोगों का मानना है कि नया साल हमेशा नई उम्मीदें और खुशियां लेकर आता है।

इसलिए सभी लोग नए साल के अवसर पर खुशी से इसका स्वागत करते है। सभी लोग 31 दिसंबर की रात से ही इस के स्वागत में जुट जाते है।

इस दिन सभी लोग बीते हुए वर्ष की महत्वपूर्ण घटनाओं को याद करते है पूरा वर्ष किस प्रकार की परिस्थितियों में व्यतीत हुआ उसका आंकलन करते है।

तथा उस वर्ष रही कमियों को पूरा करने के लिए नए वर्ष के शुभ अवसर पर नया संकल्प लेते हैं और पूरी मेहनत और लगन से उस कार्य को करने में जुट जाते है।

31 दिसंबर को बाजारों में विशेष चहल-पहल देखने को मिलती है सभी बाजार रंगबिरंगी लाइटों, फूलों और सजावटी वस्तुओं से सजा दिया जाता है सभी लोग इस दिन नए कपड़े, मिठाईयां, नई वस्तुएं इत्यादि खरीदते है।

31 दिसंबर की संध्या को विशेष प्रकार के आयोजन किए जाते है धनी लोग बड़ी-बड़ी पार्टियां रखते हैं खूब गाने बजाते है और मौज मस्ती करते है इस दिन लगभग सभी होटल पार्टियों के लिए बुक कर दिए जाते हैं जिनमें नए साल के स्वागत के लिए विशेष प्रकार की कार्यक्रम आयोजित किए जाते है।

सामान्य लोग इस दिन पिकनिक पर जाते हैं और अपने परिवार के साथ समय व्यतीत करते है। जैसे ही 31 दिसंबर की रात के 12:00 बजे हैं सभी लोग एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते है।

सभी लोग अपने प्रिय जनों को मिठाई के साथ पुष्प गुच्छ और अच्छे-अच्छे ग्रीटिंग कार्ड भेट करते है। कई बड़े देशों में इस अवसर पर विशेष प्रकार की आतिशबाजी की जाती है जो कि देखने में बहुत ही सुंदर लगती है।

कई बड़ी-बड़ी संस्थाएं और लोग नव वर्ष के उपलक्ष पर स्नेह मिलन रखते हैं जिस पर सभी लोग मिलकर एक दूसरे को बधाई देते है।

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प्रस्तावना –

पश्चिमी सभ्यता का नव वर्ष 4000 वर्ष पहले से बेबीलोन में मनाया जाता था लेकिन उस समय नए वर्ष का आयोजन 21 मार्च को किया जाता था।

लेकिन जूलियन कैलेंडर के आने के बाद से प्रतिवर्ष 1 जनवरी को नया साल मनाया जाता है। हर साल में 365 दिन होते है जिनके पूरे होने पर बड़े ही उत्साह से नव वर्ष का आयोजन किया जाता है।

वर्तमान में पूरे विश्व में पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव के कारण सभी लोग 1 जनवरी को ही नए साल के रूप में मनाते है।

नव वर्ष के कार्यक्रम –

नए साल के अवसर पर को रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है पश्चिमी देशों में तो क्रिसमस के दिन से ही लोग नए साल के स्वागत में जुट जाते है।

इस अवसर पर वहां पर लगभग 5 दिनों का राजकीय अवकाश रखा जाता है जिसमें सभी लोग को उत्साह से क्रिसमस और नया साल मनाते है।

नव वर्ष के कार्यक्रम 31 दिसंबर की संध्या से ही प्रारंभ हो जाते है सभी लोग इस दिन नए परिधान पहनते है घरों में खास प्रकार के व्यंजन बनाए जाते है और बाजारों को रंग बिरंगी लाइटों से सजा दिया जाता है।

इस दिन धनी लोग होटलों में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित की जाती हैं जिसमें हो अच्छा अच्छा व्यंजन, पेय पदार्थ और डीजे का प्रबंध होता है सभी लोग यहां पर नाचते गाते खाते है और धूमधाम से नववर्ष का स्वागत करते है।

कुछ लोग इस अवसर पर अपने परिवार के साथ घूमने के लिए विदेशों या फिर अन्य दर्शनीय स्थल पर जाते है। विद्यालयों में नव वर्ष के शुभ अवसर पर गायन, नृत्य, वाद-विवाद, रंगोली, खेल इत्यादि की प्रतियोगिता की जाती है और साथ ही विशेष प्रार्थनाएं भी की जाती है।

सभी लोग इस दिन 31 दिसंबर कि रात के 12:00 बजते ही आतिशबाजी करते है और एक दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं देते है मिठाइयां बांटते है।

भारत में नव वर्ष का आयोजन –

भारत में नव वर्ष का आयोजन सभी लोग अपने धर्म के हिसाब से अलग-अलग दिनों में मनाते है लेकिन पश्चिमी सभ्यता के प्रभाव के कारण ज्यादातर लोग अब 1 जनवरी को भी नव वर्ष का आयोजन करते है।

हिन्दुओं का नया साल चैत्र नव रात्रि के प्रथम दिन यानी गुड़ी पड़वा पर हर साल चीनी कैलेंडर के अनुसार प्रथम मास का प्रथम चन्द्र दिवस नव वर्ष के रूप में मनाया जाता है। पंजाब में नया साल बैशाखी पर्व पर मनाया जाता है।

तेलगु नया साल मार्च-अप्रैल के बीच आता है, आंध्रप्रदेश में इसे उगादी के रूप में मनाते है यह चैत्र महीने का पहला दिन होता है। इस्लामिक कैलेंडर का नया साल मुहर्रम होता है।

भारत में नव वर्ष के शुभ अवसर पर कई प्रकार के रंगारंग कार्यक्रम किए जाते है, इस दिन सभी लोग अपने परिचितों और रिश्तेदारों को बधाई संदेश देते है।

अपने घरों की विशेष तौर पर साफ सफाई करते हैं हिंदू लोग अपने घरों पर भगवा पताका फहराते है। इस शुभ अवसर पर मंदिरों और अन्य धार्मिक स्थलों पर भजन गाए जाते है और विशेष प्रार्थनाएं की जाती है।

कहीं-कहीं पर विशाल शोभायात्रा, कवि सम्मेलन, भजन संध्या, कलश यात्रा इत्यादि का आयोजन भी किया जाता है।

कुछ लोग अपने नव वर्ष के पहले दिन की शुरुआत नेक कार्य से करने के लिए रक्तदान करते है गौशाला में गायों को खाना खिलाते है और अन्य जरूरतमंद की सहायता भी करते है।

नव वर्ष का महत्व –

नव वर्ष का प्रत्येक देश प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत अधिक महत्व होता है। नव वर्ष हमें नया कार्य करने की प्रेरणा देता है यह हमें नए उत्साह और हर्षोल्लास से जीवन व्यतीत करने की ऊर्जा प्रदान करता है।

नव वर्ष में हम पिछले वर्ष की गई गलतियों से सीखते है और फिर नया संकल्प लेकर पूरी उर्जा से उस कार्य को पूरा करने में जुट जाते हैं जिससे हमे सफलता प्राप्त होती है।

यह त्यौहार की तरह ही है जो हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करता है जिसके कारण हमारे जीवन में नववर्ष का और अधिक महत्व बढ़ जाता है।

उपसंहार –

नव वर्ष एक ऐतिहासिक दिन होता है जो कि हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण दिन बता दें इसमें अब पिछले वर्ष की गलतियों से सीखते है और नया संकल्प लेकर आगे बढ़ते है।

यह हमारे जीवन को नए आयाम प्रदान करता है। हमें प्रतिवर्ष नए साल का स्वागत नई ऊर्जा और उत्साह से करना चाहिए जिससे हमारा जीवन और भी अच्छा हो जाए।


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