अवनी लेखरा का जीवन परिचय Avani Lekhara Biography in Hindi

Avani Lekhara Biography in Hindi : गोल्डन गर्ल के नाम से पूरी दुनिया में नाम कमाने वाली अवनी लखेरा की बायोग्राफी लिखी है। अवनी लखेरा का गोल्ड जीतना इतना आसान नहीं था इनके जीवन में काफी उतार-चढ़ाव आए जिसके बाद इन्होंने टोक्यो पैरा ओलम्पिक (Tokoyo Para Olympic) गोल्ड मेडल जीता है।

अवनि पैरालंपिक में मैडल जीतने वाली तीसरी शूटर है और भारत को गोल्ड मेडल दिलाने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गई है।

अवनी लखेरा के लिए यह आसान नहीं था क्योंकि इसके पहले वर्ष 2012 में एक एक्सीडेंट में  रीड की हड्डी टूट जाने के कारण इनका हौसला भी टूट गया था ।

एक ही कमरे में पूरे दिन बंद रहने के कारण अवनी निराश और हताश हो चुकी थी लेकिन उनके पिता प्रवीण लखेरा ने अपनी बेटी को इस हाल में देखना मंजूर नहीं था उन्होंने अपनी बेटी की हौसला अफजाई की ओर स्पोर्ट्स में अपना हाथ आजमाने को कहा ।

जिसके बाद अवनी लखेरा को  शूटिंग  स्पोर्ट्स अच्छा लगा इसकी प्रेरणा उन्हें भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा से मिली ।

आइए आप जानते है अवनी के व्यक्तिगत जीवन से लेकर गोल्ड मेडल जीतने की कहानी –

Avani Lekhara Biography in Hindi
Avani Lekhara Biography in Hindi

Avani Lekhara Biography Age, Family, Education, Hometown etc.

नाम (Name)अवनी लेखरा
जन्म की तारीख (Date Of Birth)8 नवंबर 2001
लम्बाई (Height)5.2 feet
वजन (Weight)55kg
पिता (Father Name)प्रवीण कुमार लेखरा
माता (Mother Name)श्वेता जेवरिया
भाई (Brother)1
हीरो / आइडलभारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा
शिक्षा (Education)एलएलबी, राजस्थान यूनिवर्सिटी
पेशा (Profession)एथलीट (शूटिंग), छात्र 
करंट सिटी (Live City)जयपुर, राजस्थान
जन्म स्थान (Birth Place)जयपुर, राजस्थान
कॉलेज (College)राजस्थान यूनिवर्सिटी
धर्म (Religion)हिन्दू
Eye & Hair Colourकाला

अवनी लखेरा व्यक्तिगत जीवन (Personal) –

अवनी लखेरा का जन्म 8 नवंबर 2001 को जयपुर राजस्थान में हुआ था, अवनी लखेरा के पिता का नाम प्रवीण कुमार लखेरा है और इनकी माता का नाम श्वेता जेवरिया है।

अवनी लखेरा की शिक्षा (Education) –

अवनी लखेरा की प्राथमिक शिक्षा जयपुर स्थित स्कूल में ही हुई है और कॉलेज की शिक्षा जयपुर की राजस्थान यूनिवर्सिटी से कर रही है. अवनी की इच्छा वकील बनने की थी इसलिए इन्होंने कॉलेज में एलएलबी विषय चुना था ।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था  क्योंकि वर्ष 2012 में  इनका एक कार एक्सीडेंट हो गया जिसमें इनकी रीड की हड्डी टूट गई और  वह कभी भी चलने फिरने के लायक नहीं रही ।

इसलिए वकील बनने का सपना इनका सपना ही रह गया लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आज  सभी के सामने यह साबित कर दिया कि अगर आप कुछ भी ठान ले तो कुछ भी असंभव नहीं है ।

अवनी लखेरा का खेल जीवन (Avni Lakhera’s Sports Life) –

अवनी लेखरा ने अगस्त 2015 में राइफल उधार लेकर पहली बार स्टेट लेवल पर गोल्ड मैडल जीता. इसके बाद अवनी ने कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा. अवनी ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में साल 2015 में ही नेशनल लेवल में पहली बार हिस्सा लिया और कांस्य पदक जीता है ।

गोल्ड की आदत डाल चुकी अवनी को ये कांस्य रास नहीं आया और कड़ी मेहनत के बाद साल 2017 के नेशनल में अवनी ने गोल्ड पर निशाना साधा और इसके बाद तो अवनी ने गोल्ड पर निशाना साधने की झड़ी लगा दी ।

टोक्यो पैरा ओलम्पिक (Tokoyo Para Olympic 2021) में गोल्ड मेडल जीता है. इस स्पर्धा में अवनि ने कुल 249.6 का स्कोर बनाया जो की पैरालिंपिक खेलों का नया रिकॉर्ड है। अवनि ने 249.6 पॉइंट हासिल कर यूक्रेन की इरिाना शेटनिक के रिकॉर्ड की बराबरी की है।

इन्होंने महिलाओं के 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग रेंज में sh1 की श्रेणी में संपूर्ण विश्व भर में पांचवा रैंक प्राप्त कर चुकी है। अवनी लेखरा ने वर्ष 2018 में एशियाई पैरालंपिक शूटिंग गेम्स में R2 की श्रेणी में 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग और R6 मिक्सड मे इन्होंने 50 मीटर राइफल प्रोन में भी हिस्सा लिया इसमें इन्होंने तीसरी रैंक हासिल की।

अवनी लखेरा की रुचि (Hobby)–

संगीत सुनना, फिल्में और टेलीविजन देखना, खाना बनाना, पकाना, अपने परिवार के साथ समय बिताना।

खेल दर्शन / आदर्श वाक्य Sporting philosophy / motto

जीवन अच्छे पत्ते रखने में नहीं है, बल्कि उन पत्तों को खेलने में है जिन्हें आप अच्छी तरह से पकड़ते हैं।

पुरस्कार और सम्मान Awards and honours

2019 में उन्हें भारत में गोस्पोर्ट्स फाउंडेशन द्वारा मोस्ट प्रॉमिसिंग पैरालंपिक एथलीट नामित किया गया था।

खेल विशेष जानकारी Sport specific information

Q. आपने इस खेल की शुरुआत कब और कहाँ से की?

Ans. उन्होंने 2015 में जयपुर, भारत में जगतपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में शूटिंग शुरू की।

Q. यह खेल ही क्यों चुना?

Ans. उसके पिता ने उसे एक खेल में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया, और उसने शुरू में शूटिंग और तीरंदाजी दोनों की कोशिश की। उसने पाया कि उसे शूटिंग करने में अधिक मज़ा आया, और भारतीय निशानेबाज अभिनव बिंद्रा की किताब पढ़ने के बाद वह भी प्रेरित हुई।

Impairment हानि

साल 2012 में अवनी अपने पिताजी के साथ कार में यात्रा कर रही थी इसी दौरान उनकी अकस्मात कार दुर्घटना हो गई जिसके  बाद अवनी और इनके पिता जी दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए.

अवनी के पिता तो कुछ समय बाद ठीक हो गए लेकिन अवनी की रीड की हड्डी टूट जाने के कारण वह कभी भी अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो पाई जिसके कारण वह निराश और हताश हो गई.

लेकिन इनके पिता ने कभी हार नहीं मानी इनको निराशा और हताशा से दूर करने के लिए प्रेरक किताबे लाकर दी जिन को पढ़कर अवनी में नया जुनून पैदा हो गया और आज वह दुनिया में गोल्ड गर्ल के नाम से जानी जाती है.

FAQ

अवनी लेखरा कौन है?

अवनी लेखरा एक भारतीय पैरा राइफल निशानेबाज है। इन्होंने अभी हाल ही में हो रहे टोक्यो पैरालंपिक पैरा राइफल शूटिंग गेम में गोल्ड मेडल हासिल किया है।

अवनी लखेरा Age कितनी है?

अवनी लखेरा की जन्म दिनांक 8 नवंबर 2001 है और इनकी आयु 19 वर्ष है ।

अवनी लखेरा कहां की रहने वाली है?

अवनी लखेरा जयपुर, राजस्थान की रहने वाली है ।

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