6+ Best Mothers Day Poem in Hindi – माँ पर कविता

Mothers Day Poem in Hindi : दोस्तों हमने मदर्स डे पर माँ पर कविता लिखी है. माँ वह शब्द जो सब से पहले बच्चे के मुँह से निकलता है, माँ नाम सुनते ही प्यार और दुलार का अहसास होता है.

माँ तो ऐसी मूर्त है जिसको शब्दों में बुनना मुश्किल ही ना मुमकिन है फिर भी हमने कविता के माध्यम से माँ को बताने की कोशिश की है अगर पंड आये तो अपने दोस्तों और परिवार वालो के साथ facebook, whatsaap, instagram पर शेयर करना ना भूले

Mothers Day Poem in Hindi

New Mothers Day Poem in Hindi


माँ धरती है, माँ ही नभ है
माँ ही रब है, माँ तो सब है
कामों की गठरी कांधे पर लादे
कभी नहीं उफ्फ कहती है

केवल जन्म नहीं देती है
वह जीवन भी देती है
माँ गंगा है, माँ धाय है
माँ गाय है
माँ बच्चों की चिंताओं का
एकमात्र उपाय है

माँ की ममता में देखो
कितना दम है
दुनिया भर की हर उमंग
उसके आगे कम है

ममता की राहों में उसको
कोई बांधा झुका नहीं सकती है
संतान ममता की कीमत
चुका नहीं सकती है

माँ की सेवा कर लोगे
जो तुम सुबह और शाम
घर बैठे ही मिल जाएंगे
तुमको चारों धाम

– पीयूष दत्त मेहता

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Tum Maa Ho Hindi Poem on Maa


तुम शक्ति हो, तुम धीर हो
गंभीर हो
तुम जीवन जीने का मर्म हो
तुम न रूकती न थकती
बस अनवरत चलती रहती हो
तुम माँ हो

अपने अंदर हजार गहराइयों को समेट
असफलताओं को चुनौती देती
कभी न निराश होती
लहरों सी हर रोज गिरती
फिर संभलती हो
तुम माँ हो

हजारों मुश्किलें आती है
तेरी जिंदगी में तुम न घबराती
न हारती
अग्नीपथ की राह में
बस बढ़ती जाती
हर नई सुबह नई कहानी तुम रचती हो
तुम माँ हो

अपने आंचल में दुखों को समेटती
दूसरों को खुशियां तुम बांटती हो
समर्पित खुद को तुम करती
त्याग और बलिदान की मूरत हो
दीए की तरह खुद जलकर
घर में रोशनी तुम करती हो
तुम माँ हो

अपनी इच्छाओं को भीतर लिए
अपनी मर्यादा में तुम रहती हो
कभी ना अपनी सीमाएं लांघती
आग की तरह तुम जलती हो
पर शिकायत नहीं करती हो
तुम माँ हो

यह भी पढ़ें – माँ पर हिन्दी कविता Sad Poem on Maa in Hindi

-अज्ञात

Maa Par Kavita Hindi Me


उदास होता हूँ तो हँसा देती है माँ
नींद नहीं आती है तो सुला देती है माँ
मकान को घर बना देती है माँ
खुद भूखी रह कर भी मेरा पेट भरती है माँ

जमीं से शिखर तक साथ देती है माँ
जन्म से आंखरी सांस तक साथ देती है माँ
जिंदगी में मुश्किले चाहे कितनी भी हो
हँस के गुजार लेती है माँ

परिवार छोटा हो या बड़ा सम्भाल लेती है माँ
मेरी आँखों में छुपी हर एक ख्वाइस को पहचान लेती है माँ
मेरे हर दर्द की दवा करती है माँ
मेरी हर खता को माफ़ कर देती है माँ

रिश्तों को जोड़ती है माँ
बिना किसी स्वार्थ के प्यार देती है माँ
परिवार खुश होता है तब खुश होती है माँ
तू चाहे सन्तान ना हो उसकी फिर भी दुलार देती है माँ

– नरेंद्र वर्मा

Hindi Poem on Maa


सफर के मुसाफिर की मानिंद
ढोती रही रिश्तो का बोझ
पिरोती गई एक-एक मनका
सुई के नुकीले सिरे से हर रोज

कि एक दिन गूँथ ही लेगी
रूपहले रिश्तो की माला
ना थकान थी, ना लगती थी प्यास
हर रिश्ता होता था खास

अब जब कैंसर की कोशिकाओं सी
चेहरे की सिलवटे बढ़ी वो
जिनकी आहट से महक था आंगन
सुलग़ उठता था चूल्हा
सोंधी हो जाती थी बयार
जब सिकती थी गर्म तवे पर नर्म रोटियां
अब करने लगे हैं किनारा
सुन बुढा खंखारा…

जुड़ते नहीं उनके हाथ
जर्जर सूत का धागा
गर फिर चाहेगा साथ
कैसे सुनेंगे बदरंग हुए
किससे और जज्बात….

बचकर नजर निकल जाते है
बेरुखी से बहाने बनाते है वो
फिर भी ख्यालों के सफर में
जोहती रहती है बाँट

दूर छिटके हुए अपनों की
क्योंकि मां है वो
उनके बिखरे हुए मनको की

– रेचिका शर्मा

Mothers Day Poem in Hindi From Daughter


मेरी माँ है ममता की मूरत
इस भीड़ भरी दुनिया में
एक प्यारी सी सूरत

माँ तुम हो मेरी हर जरूरत की जरुरत
जिसे मै आज भी नहीं भूल पाती हूँ
नहीं भूल पाती हूँ

मैं तो थी अकेली असहाय
और नन्ही सी बच्ची
जिसे मिली एक माँ तुम
जैसे भोली सी सच्ची सी

माँ आज भी तेरी याद आती है
बहुत याद आती है
माँ वो तुम ही थी जिसने मुझे अंगुली
पकड़ कर चलना सिखाया

माँ वो तुम ही थी जिसने मुझे
हर मुसीबत से बचाया
आज मैं खुद भी एक माँ हूँ
और मेरे भी बच्चे है

लेकिन माँ मुझे सिर्फ तेरी ममता याद आती है
सिर्फ तेरी ममता याद आती है
माँ तू मुझे बहुत याद आती है
बहुत याद आती है

मैं तो थी बिलकुल नादान और
जब सब कुछ नहीं था इतना आसान

माँ तब तूने मांगी थी दुआए
आज भी असर है उनका इतना कि
पूरी होती है मेरी हर एक मन्नत

– अर्चना त्यागी

Small Poem on Mother in Hindi


घुटनों से रेंगते रेंगते,
कब पैरों पर खड़ा हुआ

तेरी ममता की छांव में
जाने कब बड़ा हुआ

काला टीका दूध मलाई
आज भी सब कुछ वैसा है

मैं ही मैं हूं हर जगह
प्यार यह तेरा कैसा है

सीधा साधा भोला भाला
मैं सबसे अच्छा हूं

कितना भी हो जाऊँ बड़ा
मां मैं आज भी तेरा बच्चा हूं

– अज्ञात


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