10+ होली पर कविता – Hindi Poem on Holi

Hindi Poem on Holi : दोस्तों आज हमने होली पर कविता लिखी है होली का त्यौहार हिंदू धर्म के लोगों के लिए प्रमुख त्योहारों में से एक है. वर्तमान में होली के इस त्यौहार को सभी धर्मों के लोग बड़ी धूमधाम से मनाते है.

इसीलिए विद्यार्थियों से अक्सर होली के त्यौहार के आसपास होली पर कविता लिखने का आयोजन किया जाता है जिसमें विद्यार्थियों को अच्छी कविताएं लिखनी होती है उन्हीं की सहायता के लिए हमने यह कविताएं लिखी है.

Holi Poem in Hindi

Get Some Poems on Holi in Hindi

Best Hindi Poem on Holi


(1)

होली का त्योहार आया
खुशियों की सौगात लाया,
रंगो की उड़ान लाया।

होली का त्यौहार आया
प्यार की गंगा संग में लाया,
सबके मन को भाया।

होली का त्योहार आया
चंग और थाप की टोली लाया,
गीत मल्हार को संग में लाया।

होली का त्योहार आया
एक दूजे को रंग में रंगने आया,
सब के साथ घुल मिलने को आया।

होली का त्योहार आया
ग्रीष्म ऋतु को संग में लाया,
रंगो और उमंगो की पहचान लाया।

– नरेंद्र वर्मा

Holi Par Kavita in Hindi


(2)

देखो देखो होली का त्योहार आया
दुश्मनों ने भी हाथ मिलाया,
अपनों ने भी साथ निभाया।

देखो देखो होली का त्योहार आया
रंग लगाओ, ढोल बजाओ,
अपनों के संग होली मनाओ।

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देखो देखो होली का त्योहार आया
रंगों का त्योहार आया,
मिठाइयों की मिठास संग में लाया है।

देखो देखो होली का त्योहार आया
ऋतु बसंत को भी संग में लाया है,
हंसी ठिठोली का मौसम संग में लाया है।

देखो देखो होली का त्योहार आया
पिचकारी चलाओ, गुलाल उड़ाओ,
गीत गाओ सब के संग होली मनाओ।

– नरेंद्र वर्मा

Poem on Holi Festivals in Hindi


(3)

रंग बिरंगी सबसे न्यारी सबसे प्यारी
रंग गुलाल की पिचकारी,
हम सब को सबसे प्यारी होली हमारी।

रंग में रंग मिल गए
मन से मन मिल गए,
होली में सब रंग खिल गए।

परंपरा की पहचान है होली हमारी
खुशियों का पैगाम है होली हमारी,
रिश्तो की अंगूठी पहचान है होली हमारी।

ढोल नगाड़े खूब बजाये
खूब नाचे, झूम झूम कर नाचे,
धूमधाम से सबने है होली मनाई

बच्चे करते सबसे मस्ती न्यारी
पिचकारी से रंग उड़ाए, गुब्बारों में रंग भर के मारे,
रंग बिरंगी सबसे प्यारी होली हमारी।

– नरेंद्र वर्मा

Hindi Poem on Holi – Holi Aayi Re Holi Aayi


(4)

डगर डगर गांव शहर उड़े रे उड़े गुलाल उड़े
चंग, ढोल और थाप चहु और सुने रे सुने,
होली आयी रे, आयी होली आयी।

गीतों की राग मन बहलाये रे बहलायें
रंग ऐसे उड़े, मन से मन मिले रे मिले,
होली आयी रे, आयी होली आयी।

बच्चे, बूढ़े सब में मस्ती की उमंग उठे रे उठे
अपनों संग कितने दिनों बाद मिले रे मिले,
होली आयी रे, आयी होली आयी।

सुबह शाम ऐसे बीते रे बीते
रंग बिरंगे रंगों में दिन बीते रे बीते,
होली आयी रे, आयी होली आयी।

संध्या होते ही ढप और चंग बाजे रे बाजे
चटपटी मिठाइयों का स्वाद आया रे आया,
होली आयी रे, आयी होली आयी।

जात-पात के सब बैर मिटे रे मिटे
शत्रुओ के हाथ मित्रता को बढ़े रे बढ़े,
होली आयी रे, आयी होली आयी।

– नरेंद्र वर्मा

Holi Me Sab Ghul Mil Gaye Hindi Poem


(5)

रंग में रंग मिल गए
मन से मन मिल गए,
होली में सब रंग खिल गए।

सब के मन खिल गए
दिल से दिल मिल गए,
होली में सब घुल मिल गए।

पिचकारियों में रंग भर गए
रंग गुलाल उड़ गए,
होली में सब घुल मिल गए।

तन-मन सब रंग बिरंगे हो गए
बच्चे बूढ़े सब मस्त हो गए,
होली में सब घुल मिल गए।

गरीब अमीर सब एक हो गए
जाति धर्म सब भूल गए,
होली में सब घुल मिल गए।

एक दुसरे के संग यु झूम गए
वर्षो पुरानी दुश्मनी भूल गए,
होली में सब घुल मिल गए।

बिछड़े हुए सब यार मिल गए
सब रिश्तेदार मिल गए,
होली में सब घुल मिल गए।

– नरेंद्र वर्मा

Short Poem on Holi in Hindi


(6)

होली है भई होली है,
प्यार भरी रंगोली है।

आओ मिलकर साथ चले,
सबसे जाकर गले मिले।

लो अपनी टोली निकली,
धूम मची है गली-गली।

पीला, हरा, गुलाबी, लाल,
चले हाथ में लिए गुलाल।

सबसे अपनी यारी है,
रंग बिरंगी पिचकारी है।

नाच रहे है खड़े-खड़े,
झूम रहे है बड़े बड़े।

यह सब का त्योहार है,
हमको सबसे प्यार है।

– किशोर कुमार कौशल

Holi Aayi Holi Aayi Hindi Poem


(7)

होली आयी, होली आयी,
मौसम रंग बिरंगा लायी

रंग लाए, गुलाल लाए,
बच्चे लाए पिचकारी प्यारी।

गली गली में होली का शोर है,
बिछड़े साथी गले मिले।

होली पर मिलती सब को मीठी मिठाई,
सब देते एक दूसरे को होली की बधाई।

होली पर करते सभी धूम धड़ाका,
कोई नाचता, कोई गाता तो कोई रंग लगाता।

दुश्मन भी मित्रता करने से रोक न पाते,
सभी एक दूसरे के संग खुशियां बांटते।

होली है बुराई पर अच्छाई का प्रतीक,
होली आयी होली आयी।

– नरेंद्र वर्मा

Dekho Dekho Rango ki Bahar Aayi Holi Poem in Hindi


(8)

देखो देखो रंगों की बहार आयी है
कैसी ये रंगत कैसी ये रोशनी आयी है,
देखो होली आई है अपने संग खुशियां लायी है।

होली के रंगों से यह जग हर्षाया
मित्र संबंधी सब घर आते,
शत्रु भी खुद को रोक न पाते।

पीला, हरा, गुलाबी, नीला, लाल
रंग गुलाल सब चेहरों पर लगाते है,
होली की एक अनूठी गाथा गाते।

सब मस्ती में चूर हंसते गाते
एक दूजे के संग झूमते और रंग लगाते,
सभी को गले लगाते बधाइयां देते।

रिश्तो में प्रेम बढ़ाता
गिले-शिकवे सब मिटाता,
देखो यह होली का त्योहार सबको भाता।

– नरेंद्र वर्मा

Holi ka Tyohar Jab Aata Hai Hindi Kavita


(9)

होली का त्यौहार जब आता है,
बच्चों का मन खुशियों से भर जाता है।

रंग बिरंगे लाल, गुलाबी, हरे, नीले, पीले,
रंग यह सब के मुख्य रंग जाते है।

ठंडाई और शरबत का स्वाद है,
और मिठाई का मिठास सबके मन को ललचाता है।

ढोल नगाड़े बजाती टोलियां सब के घर जाती है,
गीत मल्हार गाते सबके मन को हर्षाते है।

बड़े-बूढ़े सब होली के रंग में झूम उठते है,
एक दूसरे को गले लगाते, रंग उड़ाते है।

एक दूसरे के घर सब मिलने जाते है,
सालों पुरानी दुश्मनी भुलाते है।

सभी लोग मिठाइयां बांटते बधाइयां देते है,
होली का त्योहार जब आता है।

– नरेंद्र वर्मा

Sabki Payri Holi Aayi – Hindi Poem on Holi


(10)

रंग रंगीले रंग लेकर होली का त्योहार आया,
रंगो की मतवाली होली आयी।

कोई गुलाल तो कोई पक्का रंग लगाता,
सब एक दूसरे के संग आंख मिचौली करते।

सभी खेल रहे है होली,
संग में नाचते गाते धूम मचाते।

राम रहीम बने हमजोली,
मिलकर एक दूसरे के संग होली मनाते।

ना किसी से कोई बैर है ना कोई मलाल,
ना जाति ना धर्म, सब एक दूजे के रंग में रंगे है।

मौसम ने भी ली है अंगड़ाई,
पेड़ पौधे भी रंग बिरंगे फूल है लाए।

रंग रंगीले रंग लेकर भेदभाव मिटाने आया,
सबका प्यारा होली का त्योहार आया।

– नरेंद्र वर्मा


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