4+ विदाई समारोह पर कविता – Farewell Poems in Hindi

Farewell Poems in Hindi : दोस्तों आज हमने विदाई समारोह पर कविता विद्यार्थियों के लिए लिखी है। यह वह पल होता है जब आंखों में खुशी के आंसू होते है और समय थम सा जाता है हमारा स्कूल कॉलेज छोड़ने का मन नहीं करता है।

जब हम किसी स्कूल कॉलेज इंस्टीट्यूट या फिर ऑफिस से सदा के लिए विदाई लेते है तो हमारे मन में कहने को बहुत कुछ होता है लेकिन हम उनको शब्दों में नहीं उतार पाते है।

इसीलिए हमने सभी विद्यार्थियों और अन्य लोगों की सहायता करने के लिए विदाई समारोह पर कविता लिखी है जिसको देखकर आप अपनी कविता बना सकते हैं और इन कविताओं को भी अपने साथियों को सुना सकते है।

Farewell Poems in Hindi

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Best Farewell Poems in Hindi


(1) Farewell Poems in Hindi for School Students

वो पल जो यारों के साथ बिताए थे,
अब आंखों में बंद याद बन जाएंगे,
ना जाने अब कहां फिर मुलाकात होगी,
देर सवेर कब बात होगी।

कमीने तो बहुत है मेरे यार,
पर मुश्किल में साथ होते है मेरे यार,
अब आएगी मुसीबत कोई तो किसे बताऊंगा,
ये जिंदगी की उलझन कैसे सुलझाऊंगा।

अब टीचर के नए-नए नाम कैसे रख पाऊंगा,
क्लास से बंक मारने का मजा कैसे आएगा,

वो दोस्तों के साथ गलियों में घूमना,
एक दूसरे की बेइज्जती कर करके हंसना,
अब वो मजा कहां आएगा।

वो केंटिन में दोस्तों के पैसो से समोसे खाना,
वो दोस्तों के अतरंगी नाम रखना बहुत याद आएगा,
वो स्कूल में बैठे बैठे रविवार का इन्तजार करना,
क्लास में टीचर ना आने पर शोर मचाना।

वो क्लास टेस्ट में पर्ची बना के ले जाना,
वो बीच क्लास में टीचर से छुप – छुप,
के टिफिन खाना अब यादो में रह जाएगा।

तो चलो अब इन यादों के साथ,
खुशियों की इन सौगातो के साथ,
एक नए सफर की शुरुआत करते है।

मिलते रहना यारो,
दिल में इन याद को बसाए रखना,
गिले-शिकवे जो भी भुला दो आज।

– नरेन्द्र वर्मा

(2) Farewell Poems in Hindi for Collage Students


आज वक्त को रोकने का जी चाहता है,
न जाने क्यू छुट जाने से डर लगता है,
बच्चे बनकर ही तो आए थे हम सब,
एक दूसरे से कितने पराए थे हम सब।

कॉलेज के दिनों में ही हम सब एक हो गए,
हंसने खेलने के बहाने अनेक हो गए,
इस सफर की शुरुआत 3 साल पहले हुई थी,
सेमिनार इंट्रो से जो स्टार्ट हुई थी।

सूरज की पहली किरण से थी शुरुआत हमारी,
पूरे दिन की मस्ती और फिर रात थी हमारी,
सोचते थे जल्दी यहां से चले जाएंगे,
अब तो यह भी नहीं पता आगे का समा पाएंगे या नहीं पाएंगे।

याद आएगा हम सबको दोस्तों से बिछड़ना,
वो रात को देर से सोना,
वो बंसल सर का पहला लेक्चर,
लेट होने पर दौड़ लगाना।

अटेंडेंस ना मिलने पर सर को मस्का लगाना,
वो स्मिता मैम की एक्स्ट्रा क्लासेस,
वो नितिन सर का एक-एक क्लास का हिसाब बताना,
बंक कर के मां बाप के पैसों में आग ना लगाना।

वाणी मैम का प्यार गीता मैम की डांट,
अब हम कहां देख पाएंगे,
जैसे तैसे करके निकाला था हमने अपना पहला साल,
बहुत खुश हुए अब बचे है बस दो साल।

पहले सेमेस्टर के रिजल्ट ने हमें हमारी औकात दिखाई,
एक दूसरे के कंधे पर हाथ धरकर बोले अपने बस में कुछ नहीं है भाई,
ना चाहते हुए भी इस भीड़ का हिस्सा हो गए,
ना जाने क्यों कॉलेज का एक किस्सा हो गए।

बाहर से आए लड़कों को घर की याद सताती थी,
हर थाली में ना जाने क्यों मां की तस्वीर नजर आती थी,
पर ना जाने क्यों दोस्तों दिल में कुछ और आता है,
वक्त को रोकने का जी चाहता है।

जिन बातों का दु:ख था आज उन्हीं से खुशी मिलती है,
न जाने क्यों उन पलों की याद दोस्तों खूब सताती है,
कहता था बड़ी मुश्किल से यह 3 साल से सह गया,
आज लगता है यारों जाने क्यों पीछे कुछ छूट गया।

कही अनकही हजारों बातें रह गई,
ना भूलने वाली ना सुनने वाली कुछ यादें रह गई,
अब मुझे अलग अलग नाम से कौन पुकारेगा,
मेरी बातों से परेशान अब कौन होगा।

प्रैक्टिकल फाइल मेरा भी बना दे अब कौन कहेगा,
असाइनमेंट पहले करने के लिए कौन आगे बढ़ेगा,
फैकेल्टी के पीछे अब कौन राक्षसों की तरह हंसेगा,
यूनिटी बनाकर प्रोजेक्ट कैंसिल करा लो अब कौन कहेगा

लास्ट बेंच पर बैठने के लिए आप कहां लड़ पाएंगे,
लगता है यह समय कुछ जल्दी बीत गया,
आज ये फिर मुझसे जीत गया,
वो कॉलेज की ड्रेस में रोज कॉलेज आना।

अब क्लास बंक करके यारों के संग कहां घूम पाएंगे,
ये सारे अब पल बहुत याद आएंगे,
कॉलेज लाइफ की तो बात मत पूछो,
कैसे बीत जाता था दिन ये बात ना पूछो।

प्रोजेक्ट बनाने में हमारा कभी मन नहीं था,
पर उसको डाउनलोड करके गर्व से दिखाने का अपना ही मजा था,
स्टाइल मारने का अंदाज निराला था,
लड़कियों पटाने का बस यही एक जमाना था।

पढ़ते-पढ़ते आज नौकरी करने का भी दिन आ गया,
एक नए पड़ाव में जीने का दिन आ गया,
पहुंच जाओगे जब अपनी अपनी मंजिल पर,
तो ये यार दोस्त ही याद आएंगे।

एक कप चाय की चुस्की के साथ,
ये सारे फ़साने याद आएंगे,
क्या पैसा क्या नौकरी ये तो बस यादें रह जाएंगे,
अकेले जब भी होंगे ये लम्हे याद आएंगे।

डिग्री पाकर भी ना जाने पीछे कुछ छूट सा रहा है,
दिल न जाने क्यों टूट सा रहा है,
कभी-कभी हम याद करेंगे तुम सब की यादों को,
जब हम देखेंगे पुरानी कॉलेज की किताबों को।

क्लास और कैंटीन वाली कहानी होगी अब खत्म,
अब अलग होगी मंजिलें और अलग होंगे हम सब,
कैंपस की वो सीढ़ियां जहां हर दिन जमती थी महफिले,
खाली करनी पड़ेगी आ गया वो मोड़ जिसमें अलविदा कहना होगा

कुछ लिखा है कुछ दिल में बाकी है,
कुछ पल का साथ शायद अभी बाकी है,
बस एक बात का डर लगता है हम अजनबी ना बन जाए दोस्तों,
जिंदगी के रंगों में ये दोस्ती का रंग फीका ना पड़ जाए।

नौकरी की दौड़ में यह दोस्ती ना लुप्त हो जाए,
जिंदगी में मिलने की फरियाद करते रहना,
मिल ना सके कभी तो याद करते रहना,
चाहे जितना हंस लो मुझ पर आज बुरा नहीं मानूंगा

इसी हंसी को अपने दिल में जीवन भर के लिए बसा लूंगा,
आखिर आ ही गया वह दिन जिसका हम इंतजार था,
अब बिछड़ जाएंगे यार सारे जिनसे हमे बहुत प्यार था,
मेरे दोस्त जरा ठीक से दोस्त लोग कहीं कुछ छुटा ना हो

कहीं तुम्हारी वजह से किसी का दिल टूटा ना हो,
भूल कर सारी रंजीसे आज गले मिलो,
एक बार फिर से मिलने का वादा कर लो,
क्योंकि जा रहा है जो वक्त वो दोबारा आने से रहा

दिल थाम कर आंखें बंद कर अलविदा कहना पड़ रहा,
मेरे यारों आ गया है वो पल जिसमें अलविदा कहना पड़ रहा

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– Kuldeep more

(3) Hindi Poem on Vdai Samaroh For school Friends


आओ सुनाऊं तुम्हें बीते हुए पलों की,
कुछ खट्टी, कुछ मीठी दास्तां,
कुछ मेरी, कुछ आपकी बात करते है,
चलो कुछ बीते हुए लम्हे याद करते है।

स्कूल में बिताए पलों को याद करते है,
जब हम आए थे यहां तो ये एक गुमनाम पहेली थी,
ना जाने क्यों मन नहीं लगता था ,
हर दिन यहां से भाग जाने को दिल करता था।

धीरे-धीरे नए-नए दोस्त बने,
अच्छे टीचर मिले,
थे कुछ खडूस
लेकिन दिल के अच्छे मिले।

क्लास में खूब शरारत करते थे,
कागज की एरोप्लेन उड़ाया करते थे,
एक दूसरे को चांक से मारा करते थे,
डस्टर को पंखे में फेका करते थे।

ना जाने क्यों क्लास के पंखे से था बैर,
उसकी ताड़ीयो को हमेशा पकड़कर मोड़ा करते थे,
टीचर की क्लास छोड़ते ही शोर मचाया करते थे,

फिर टीचर के क्लास में आते ही मासूम बन जाते थे,
होमवर्क ना करने के तरह-तरह के बहाने बनाते थे।

टीचर के बोर्ड की तरफ मुड़ते ही,
टिफन खोलकर चुपके से खाना खाया करते थे,
टीचर के सवाल पूछने पर,
दिल खोल के नीचे देखा करते थे।

स्कूल में जानबूझकर देर से आना फिर तरह-तरह के बहाने बनाते थे,
प्रार्थना में एक आंख खोलकर आसपास देखा करते थे,
क्लास में जाने के लिए दौड़ ऐसे लगाते थे,
लगता था हम ही सबसे ज्यादा पढ़ने वाले थे।

दोस्तों के साथ क्लास बंक मारा करते थे,
फिर दूर मैदान में जाकर क्रिकेट खेला करते थे,
एक दूसरे से पैसे इकट्ठे करके,
समोसे, कचोरी, गोलगप्पे खाया करते थे।

रविवार से पहले शनिवार को,
सबके मन में लड्डू फूटा करते थे,
फिर रविवार की शाम को,
सोमवार के बारे में सोच के सबके दिल टूटा करते थे।

स्कूल में खूब मजा करते थ ,
फिर भी ना जाने क्यों या आने से डरते थे,
अब ना जाने क्यों यहां से जाने का दिल नहीं करता।

पहले हमें खींचकर स्कूल में लाया करते थे,
अब ना जाने क्यों यहां ठहर है जाने का मन करता है,
बस एक बात अब निराली है।

जब आए थे यहाँ तब आंखों में आंसू और मुंह सूजा हुआ था,
अब जा रहे है तो भी आंखों में आंसू है लेकिन चेहरे पर मुस्कान है,
चलो अब चलते है दोस्तों नए सफर की शुरुआत करते है,
मिलते रहना, आस-पास रहना पर दिल से कभी दूर ना जाना।

– नरेन्द्र वर्मा

(4) Farewell Poem for Seniors in Hindi


नए रास्ते खोजने को,
कुछ नया कर दिखाने को,
मंजिलों को अपना बनाने को,
थोड़े से नादान थोड़े से समझदार,
परिंदे आज उड़ चले।

मिल बांट कर जो खुशियां मनाते थे,
चुपके से हमारा की टिफिन खा जाते थे,
वो हमको बहुत सताते थे,
वो हर चीज पर अपना हक जमाते थे।

पर बात जब दूसरे स्कूल के बच्चों,
के साथ कॉन्पिटिशन की होती थी,
तब वो हमारे साथ हमेशा खड़े नजर आते थे,
वो हमसे प्यार तो करते पर जताते कम ही थे।

वो आपका डांटना, प्यार से समझाना,
टीचर्स डे वाले दिन टीचर बनकर पढ़ाना,
वो स्कूल टीचर्स के नए-नए नाम हमें बताना,
बहुत याद आएगा।

आप सबका प्यार भरा साथ,
वो साथ बिताए हुए पल,
खट्टी मीठी सी यादें,
बहुत याद आएंगी।

आज आंखों में आंसू तो है,
पर खुशी भी उतनी ही है,
क्योंकि आज हम भी
जूनियर से सीनियर हो जाएंगे।

स्कूल से तो विदा हो रहे हो आज,
पर हमारे दिलों से नहीं आते जाते मिलते जाना,
गुरुजी की डांट खाते जाना,
फिर से ये स्कूल के दिन जीते जाना।

– नरेन्द्र वर्मा


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दोस्तों Farewell Poems in Hindi आपको कैसी लगी, अगर अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूलें और अगर आपका कोई सवाल है चाहो तो हमें कमेंट करके बताएं। 

अगर आपने भी कोई कविता लिखी है तो हमें नीचे कमेंट में लिखकर बताएं और हम उस कविता को हमारी इस पोस्ट में शामिल कर लेंगे.

13 thoughts on “4+ विदाई समारोह पर कविता – Farewell Poems in Hindi”

  1. KAILASH PATIR KHARABERA JOHPUR

    SIR MERE PAS MAA KI VIDHAI SAMAROH KI DESH BHAKTI SOPNG LIKHE HUE HAI PAR YE SAB MERE PAS TK HI SIMIT HAI

    SIR AP KOI IDEA DE JISSE ME APNI LEKHAN SAMGRI KA SAHI USE KAR SAKU

    MERE PAS ABHI TK TO SIRF EK BOOK KA PAGE BAN KE RAH GAYE HAI MENE HINDI YQATRA CHHANAL KO PADHA OR MUJE BHI EK UMANG JAGEE KI HUM BHI KUS KAR SAKTE HAI SAMHELAN ME BHAG LE SAKTE HAI

    PLEASE SIR ANSWAR JARUR DENA

    PRO KAILASH PATIR WRITER :::::::::::::::::::——– KHARABERA JODHPUR

  2. Aap wk aise poem bana dijiye please 25 date Tak jaise bhaut school me hota hai na 12 class ki vidai note hai aur 11 class poem likh ke late hai tho ek aise poem likh dijiye please hum 12 class ke children’s ke liye bol denge please okay 25 date Tak

    1. Simran mukhija ji hum 25 feb se pahle aisi kavita likh de ge vah kavita esi post me update ki jayegi. hindi yatra par aise hi aate rahe dhanyavad

  3. विधाथीयो के विदाई समारोह पर जल्द से चुटकले ओर कविता मेरे WhatsApp number pr send kr Dena 8690941085

    1. अनिल जी हम चुटकले नही लिखते और कविता आप को हिंदी यात्रा पर आकर ही पढ़ना होगा

  4. Really it was so nice on dat 18th Feb. In my school farewell is there of 10 th class. I will say this on that day as 9 th class want to celebrate it sooo….. Thank q

  5. अपने दीन याद आ गये sir kya khub likha hai aapne 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤

    1. Rani jha आप को कविता अच्छी लगी बहुत अच्छी बात है, हिंदी यात्रा पर आते रहे धन्यवाद.

  6. अपने दीन याद आ गये sir ty un पलो को शब्दो मे समेटने के लिए 😊🙏🙏🙏🙏❤❤❤❤❤❤❤❤💝💝💝

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