तीतर पक्षी पर निबंध – Essay on Teetar Bird in Hindi

Essay on Teetar Bird in Hindi आज हम तीतर पक्षी पर निबंध हिंदी में लिखने वाले हैं. यह निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए है. इस निबंध की सहायता से हम तीतर पक्षी के बारे में पूरी जानकारी देने का प्रयास करेंगे. इस निबंध की सहायता से तीतर पक्षी बारे में अपनी परीक्षा में लिख सकेंगे.

Essay on Teetar Bird in Hindi


हमारे भारत देश में विभिन्न प्रकार के पक्षी पाए जाते हैं जिनमें से यह तीतर पक्षी भी है जिसकी प्रजाति वर्तमान में संकटग्रस्त है इस पक्षी का अत्यधिक मात्रा में शिकार किया जा रहा है. इस पक्षी के संरक्षण के लिए अगर जल्द ही कोई प्रयास नहीं किए गए तो इसकी प्रजाति लुप्त हो सकती है.

तीतर पक्षी अक्सर जंगलों और हरियाली भरे क्षेत्रों में पाए जाते है. यह पक्षी बहुत ही शर्मीले स्वभाव का होता है इस कारण है इंसानों से दूर ही रहना पसंद करता है. Teetar पक्षी किसानों के अच्छे दोस्त होते हैं क्योंकि जब किसान खेत में फसल बोते हैं तो उनमें कीट पतंगे लग जाते है.

Essay on Teetar Bird in Hindi

Get Some Essay on Teetar Bird in Hindi

इन कीट-पतंगों को तीतर पक्षी खा लेता है जिसके कारण किसानों की फसल अच्छी होती है. यह पक्षी गांव के खेतों में अक्सर देखने को मिल जाते है. विश्व में लगभग इनकी 40 से अधिक प्रजातियां पाई जाती है. इस पक्षी का इंग्लिश भाषा में Partridge नाम है और वैज्ञानिक भाषा में इसको Perdix कहते है.

यह पक्षी मूल रूप से एशिया, यूरोप, अफ्रीका के महाद्वीपों के मूल निवासी है. यह मध्यम श्रेणी के आकार के पक्षी होते हैं इनका वजन 500 ग्राम तक हो सकता है. यह मुख्य रूप से कीड़े-मकोड़े, बीज, हरी घास इत्यादि खाते है.

तीतर पक्षी अन्य पक्षियों की तरह पेड़ की शाखाओं पर घोंसला नहीं बनाते है, यह भूमिगत घोसले में रहते है. यह पक्षी अक्सर मैदानों में रहना ही पसंद करता है क्योंकि उसे ऊंचे पर्वतीय भागों में जाना पसंद नहीं है. इसी कारण यह अक्सर उड़ने के लिए नीची उड़ान ही भरते है.

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यह पक्षी नीची उड़ान इसलिए भी भरते है ताकि भूमि पर चल रहे कीड़े-मकोड़े इन्हें आसानी से दिखाई दे जाए और यह उनका शिकार कर पाए.

यह पक्षी विश्व के अलग-अलग प्रांतों में अलग-अलग रंगों जैसे लाल, भूरा, सफेद, ग्रे आदि है. इस पक्षी का आकार अंडाकार होता है जो देखने में बहुत सुंदर लगता है. इसकी पूंछ छोटी होती है और इसके पंजे नुकीले होते है. भारत में इसके भूरे रंग की प्रजाति पाई जाती है.

तीतर पक्षी के पंख छोटे होते है जिस पर भूरे रंग की धारियां होती है और नीचे का हिस्सा हल्के सफेद रंग का होता है. इनकी आंखों और चोच अन्य पक्षियों की तरह ही छोटी होती है, चोच और आंखों का रंग काला होता है. इस पक्षी की नर प्रजाति का रंग मोर पक्षी की तरह ही चमकीला होता है जबकि मादा प्रजाति का रंग फीका होता है.

तीतर पक्षी हर साल सामान्य रूप से 10 से 15 अंडे देता है. इस पक्षी के बच्चे अंडे से बाहर निकलने के 15 दिनों के भीतर अपनी पहली उड़ान भर लेते है. प्रजनन से लेकर पक्षियों के उड़ जाने तक नर और मादा दोनों एक साथ ही रहते है.

Teetar पक्षी ज्यादातर अकेला रहना ही पसंद करता है इस पक्षी की आवाज पतली और तीखी होती है अन्य पक्षियों की तुलना में इस तीतर पक्षी की आवाज को पहचानना मुश्किल नहीं होता है. आवाज को आधा किलो मीटर दूर से ही सुना जा सकता है.

यह प्रमुख रुप से ईरान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल और श्रीलंका में पाया जाता है.

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तीतर पक्षी की प्रजाति का शिकार अत्यधिक हो रहा है जिसके कारण इसका भविष्य खतरे में है क्योंकि आजकल किसानों द्वारा खेतों में भी कीटनाशक दवाइयों का प्रयोग किया जा रहा है जिसके कारण इनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है साथ ही कुछ लोग इनका शिकार भी कर रहे है.

इस पक्षी की प्रजाति को बचाने के लिए सरकार द्वारा कड़े नियम बनाने की आवश्यकता है और साथ ही लोगों को भी इसका शिकार करने से रोकना है. यह साधारण पक्षी है लेकिन हमारे पर्यावरण के लिए यह बहुत उपयोगी है.


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