Apathit Gadyansh in Hindi for Class 5 (अपठित गद्यांश)

Apathit Gadyansh in Hindi for Class 5 : दोस्तों आज हमने कक्षा 5 के छात्र छात्राओं के लिए अपठित गद्यांश लिखे है। अक्सर कक्षा 5 के विद्यार्थियों को परीक्षा और हर महीने होने वाले टेस्ट में अपठित गद्यांश दिए जाते है जो कि विद्यार्थियों को पढ़कर उसके उत्तर लिखने होते है ।

अपठित गद्यांश विद्यार्थियों को इसलिए दिए जाते है जिससे विद्यार्थियों का मानसिक विकास हो सके। विद्यार्थियों को अभ्यास करने के लिए अक्सर अपठित गद्यांश की आवश्यकता पड़ती है इसीलिए हमने बहुत सारे अपठित गद्यांश यहां पर लिखे है।

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Apathit Gadyansh in Hindi for Class 5 Worksheet

Apathit Gadyansh in Hindi for Class 5

नीचे दिया गया अनुछेद पढ़ो और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखो :

क्रिसमस प्रेम और आत्मीयता की भावना उत्पन्न करने वाला त्योहार है। यह हर वर्ष २५ दिसंबर को मनाया जाता है। यह अपने साथ खुशियाँ और आनंद लाता है। यों तो क्रिसमस ईसाइयों का पवित्र त्योहार है पर अन्य जातियों और धर्मो के लोग भी इस उत्सव में सम्मिलनी होते हैं | भाईचारे की यह भावना अनुपम है। आज़से सैकड़ों बर्ष पूर्व यीशू का जन्म बेतलहम में हुआ था। इनके पिता का नाम जोज़फ़ और मात का नाम मरियम अथवा मेरी था। जाति से यहूदी होने के कारण ये सुरक्षा के लिए एक नगर से दूसरे नगर में आसरा खोज रहे थे। जेरूसलम की और जाते समय ये बेतन्हम नामक गाँव में रूके। वहाँ अस्तबल में शिशु ईसा मसीह ने जन्म लिया। ईसा मसीह के जन्म लेते ही आकाश में एक जगमगाता तारा उगा।

(क) क्रिसमस कैसा त्योहार है ?

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(ख) क्रिसमस बर्ष में कब मनाया जाता है ?

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 (ग) यीशू का जन्म कहाँ हुआ था ?

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(घ) यीशू के पिता और माता का नाम क्या था ? 

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(ङ)  ईसा मसीह के जन्म लेते ही आकाश में एक जगमगाता क्या उगा ?

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Hindi Unseen Passage for Class 5

अकबर के एक खास दरबारी खवाजा सरा को अपनी विद्या और बुद्धि पर बहुत अभिमान था बीरबल को तो वे अपने सामने निच बालक और मूर्ख समझते थे। लेकिन अपने ही सामने से तो कुछ होता नही ! दरबार में अकबर कि तुती बोलती थी और ख्याजा साहाब की बात ऐसी लगती थी जैसे नक्कारखाने में तूती की आवाज | ख्वाजा साहब की चलती तो वे बीरबल को हिंदुस्तान से निकलवा देते लेकिन निकलवाते कैसे।

उपरोक्त गद्यांश को पढकर नीचे दिये गए प्रश्नो का उत्तर दीजिए।

1. ख्वाजा सरा कौन था ?

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2. ख्वाजा सरा को किस पर अभिमान था 

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3. दरबार मे किसकि तुती बोलती थी?

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4. ख्वाजा सरा बीरबल को क्‍या समझते थे ?

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5. ख्वाजा सरा  बीरबल को कहाँ से निकलवा देना चाहते थे?

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अपठित गद्यांश कक्षा 5 हिंदी Pdf Download

गाँधी जी का पुरा नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उनका जन्म 2 अक्तूबर, 1869 को गुजरात के काठियावाड़ में पोरबंदर नामक स्थान पर हुआ था। उनकी माता का नाम पुतलीबाई और पिता का नाम करमचंद गाँधी था। उनका विवाह कस्तुरबा गाँधी से हुआ था। गाँधी जी सदैव सत्य की पूजा करते थे और सत्य के मार्ग पर ही चलते थे। गाँधी जी ने परमाणु युग में भी हिंसा को त्यागते हुए अहिंसा का मार्ग अपनाया।

गाँधी जी ने 920 में “असहयोग” आंदोलन तथा व930 में “सत्याग्रह” आंदोलन चलाए। उन्होने विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर दिया। अंत में 4942 में “भारत छोड़ो” आंदोलन चलाया गया। इस आंदोलन के कारण गाँधी जी को कई बार जेल भी जाना पड़ा,परन्तु वे अपने लक्ष्य से ज़रा भी पीछे नही हटे । उनके इन प्रयत्नों के कारण 75: अगस्त, 4947 को भारत को आजादी मिली। गाँधी जी ने अपना पुरा जीवन देश को अर्पित कर दिया। गाँधी जी के त्याग को भुलाया नही जा सकता परंतु कुछ लोग उनसे सहमत नही थे और 30जनवरी, 948 को नत्थूराम गौड़से ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। उनका नाम इतिहास में सदा अमर रहेगा।

प्रश्न:-क) निम्नलिखित रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-

१) गाँधी जी का पूरा नाम_______________________________ था।

२)_________________________ में “भारत छोड़ो” आंदोलन चलाया गया।

प्रश्न:-ख) निम्नलिखित प्रश्नों के संक्षेप में उत्तर दीजिए-

1) गद॒यांश के लिए उचित शीर्षक चुनिए :

उत्तर- ________________________________________________

2) गाँधी जी के परिवार के विषय में बताएँ?

उत्तर- ____________________________________________________

3)गांधी जी ने कौन – कौन से आंदोलन चलाए?

उत्तर- _____________________________________________________

4) गाँधी जी ने कौन सा मार्ग अपनाया?

उत्तर – ____________________________________________________

5) गाँधी जी को किसने और कब मारा?

उत्तर – ____________________________________________________

Apathit Gadyansh in Hindi for Class 5 with Answers

वीरता की अभिव्यक्ति कई प्रकार से होती है। कभी उसकी अभिव्यक्ति लड़ने मरने में खून बहाने से, तलवार तोप के सामने जान गँवाने में होती है तो कभी जीवन के गूढ़ तत्व और सत्य की तलाश में बुदूघ जैसे राजा विरक्‍्त होकर वीर हो जाते हैं। वीरता एक प्रकार की अंतः प्रेरणा है। जब कभी इसका विकास हुआ तभी एक नया कमाल नजर आया। एक नई रौनक, एक नया रंग, एक नयी बहार, एक नगी प्रभुता संसार में छा गयी। वीरता हमेशा निराली और नयी होती है। नयापन भी वीरता का एक खास रंग है। वीरता देश काल के अनुसार संसार में जब कभी प्रकट हुई तभी एक नया स्वरूप लेकर आयी, जिसके दर्शन करते ही सब लोग चकित हो गये।

1) इनमें से कौन-सा वीरता की अभिव्यक्ति का साधन नहीं है?

(क) लड़ना-मरना (ख) खून बहाना

(ग) जान बचाते फिरना (घ) जीवन के गूढ़ तत्वों की खोज।

(2) सत्य और जीवन के गूढ़ तत्वों की खोज के लिए कौन प्रसिदूध है?

(क) महावीर स्वामी (ख) गौतम बुद्ध

(ग) सम्राट अशोक (घ) स्वामी राम कृष्ण।

(3) वीरता का विकास होने पर एक नया कमाल नजर आया। यह कमाल क्या था?

(क) नई रौनक (ख) नई बहार

(ग) नई प्रभुता (घ) उपर्युक्त सभी।

(4) वीरता एक नया स्वरूप लेकर आई जिसके दर्शन करने से सभी » हो गए।

(क) चकित (ख) भ्रमित

(ग) उल्लसित (घ) हर्षित।

(5) इस गद॒यांश का उपयुक्त शीर्षक क्या है?

(क) सत्य की तलाश (ख) जीवन के गूढ़ तत्वों की खोज

(ग) वीरता (घ) अंतः प्रेरणा।

Apathit Gadyansh for Class 5

कभी-कभी अचानक ही विधाता हमें ऐसे विलक्षण व्यक्तित्व से मिला देता है, जिसे देख स्वयं अपने जीवन की रिक्तता बहुत छोटी लगने लगती है। हमें तब लगता है कि भले ही उस अन्तर्यामी ने हमें जीवन में कभी अकस्मात अकारण ही दंडित कर दिया हो किंतु हमारे किसी अंग को हमसे विच्छिन्न कर हमें उससे वंचित तो नहीं किया। फिर भी हममें से कौन ऐसा मानव है जो अपनी विपत्ति के कठिन क्षणों में विधाता को दोषी नहीं ठहराता। मैंने अभी पिछले ही महीने, एक ऐसी अभिशप्तकाया देखी है, जिसे विधाता ने कठोरतम दंड दिया है, किन्तु उसे वह नतमस्तक आन॑दी मुद्रा में झेल रही है, विधाता को कोसकर नहीं।

(1) हमें अपने जीवन की रिक्तता कब छोटी लगने लगती है?

(क) दूसरे की छोटी रिक्तता देखकर (ख) दूसरों की बड़ी रिक्तता देखकर

(ग) अपनी किस्मत को सोचकर (घ) ईश्वर को याद करके।

(2) मनुष्य अपने जीवन में अकस्मात अकारण दंडित होने का दोष किसे देता है?

(क) दूसरे मनुष्य को (ख) माता-पिता को

(ग) ईश्वर को (घ) इनमें से कोई नहीं।

(3) लेखक ने पिछले महीने जो काया देखी थी उसे अभिशप्त क्यों कहा?

(क) उसकी सुंदरता देखकर (ख) अनजाने में शाप से ग्रस्त होने के कारण

(ग) वरदान पाने के कारण (घ) शारीरिक विकलांगता के कारण।

(4) वह उस दंड को कैसे झेल रही थी?

(क) खुशी-खुशी (ख) दुखी होकर

(ग) ईश्वर को दोष देकर (घ) निष्प्राण मांसपिंड बनकर।

(5) “अभिशप्त काया देखी’-में रेखांकित अंश है-

(क) संज्ञा (ख) सर्वनाम

(ग) विशेषण (घ) क्रिया विशेषण।

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