कोरोना वायरस पर निबंध – Essay on Coronavirus in Hindi

Essay on Coronavirus in Hindi : आज हमने कोरोना वायरस पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 & 10 के विद्यार्थियों के लिए है। कोरोना वायरस धीरे-धीरे दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण करता जा रहा है।

इसके कारण लाखों लोगों की मृत्यु हो गई है और करोड़ों लोग संक्रमित हो चुके हैं इससे जान और माल दोनों की हानि हो रही है। कोरोना वायरस ने एक ही झटके में विश्व की सभी अर्थव्यवस्थाओं को बंद करा दिया।

यह बहुत ही खतरनाक वायरस है इसे जल्द ही काबू नहीं किया गया तो यह मानव सभ्यता के लिए खतरा बन सकता है। कोरोनावायरस इतना व्यापक रूप धारण कर चुका है।

विद्यार्थियों से इसके बारे में निबंध लिखकर जागरूकता पैदा करने का काम किया जा रहा है इसीलिए हमने विद्यार्थियों की सहायता और मार्गदर्शन के लिए कोरोनावायरस पर निबंध लिखा है।

Essay on Coronavirus in Hindi 10 Lines


  1. कोरोना वायरस को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने Coivd-19 का नाम देकर विश्व महामारी घोषित किया है।
  2. नवंबर 2019 में सबसे पहले चीन के वुहान शहर से इस वायरस की शुरुआत हुई थी।
  3. यह नाभिकीय अम्ल और प्रोटीन से बना अतिसूक्ष्म अकोशिकीय जीव है।
  4. यह वायरस एक दुसरे के सम्पर्क में आने से फैलता है इसलिए यह बहुत घातक है।
  5. इससे संक्रमित व्यक्ति के बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है।
  6. यह वायरस शरीर के बाहर 3 से 4 दिन तक जिंदा रह सकता है।
  7. इससे बचने के लिए 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोना चाहिए, मास्क लगाना चाहिए और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
  8. सबसे 5 से 6 फुट की दूरी बना कर रखना चाहिए।
  9. कोरोना वायरस से बच्चे बुड्ढे, जवान किसी भी व्यक्ति हो सकता है।
  10. कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार के दिशानिर्देशो का पालन करना चाहिए और वैक्सीन लगवानी चाहिए।

कोरोना एक वैश्विक महामारी हिंदी निबंध 2000 शब्द


प्रस्तावना – 

कोरोना वायरस सूक्ष्म जीवाणु से बना एक वायरस है जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 का नाम देकर विश्व महामारी घोषित कर दिया है। यह वायरस इतना छोटा होता है कि इसे खुली आंखों से देखना मुमकिन नहीं होता है यह एक इंसान के दूसरे इंसान से संपर्क में आने पर फैलता है।

essay on coronavirus in hindi
Get Some Best Essay on Coronavirus in Hindi for Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 & 10 Students.

नवंबर 2019 में सबसे पहले चीन के वुहान शहर में इस वायरस से ग्रसित व्यक्ति देखे गए थे। यह वायरस बहुत तेज गति से इंसान के शरीर में फैलता है और इंसान के फेफड़ों को पूरी तरह से निष्क्रिय कर देता है।

जिससे समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी मृत्यु हो सकती है। जनवरी 2020 में इस वायरस ने भारत में दस्तक दी थी उसके बाद से यह भारत में भयंकर तबाही मचा रहा है।

कोरोना वायरस क्या है –

कोरोना वायरस अतिसूक्ष्म अकोशिकीय जीव है जो की जीवित कोशिकाओं में वंश वृद्धि करके फैलता है यह नाभिकीय अम्ल और प्रोटीन से बना होता है।

यह शरीर से बाहर तो निष्क्रिय अवस्था में होता है लेकिन जैसे ही किसी भी इंसान के अंदर प्रवेश करता है यह जीवित हो उठता है। शरीर के बाहर यह कुछ दिन के लिए ही जिंदा रह सकता है. कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं।

इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। अभी तक इसकी जानवरों में फैलने की पुष्टि नहीं हुई है।

इसे आंखों से नहीं देखा जा सकता इसलिए इसे देखने के लिए सूक्ष्म दर्शी की आवश्यकता होती है। यह वर्ष 2002 में  SARS बीमारी का ही एक अन्य रूप है। यह एक इंसान से दूसरे इंसान में प्रवेश करने के बाद अपना रूप बदलता रहता है। इसलिए इसे हिंदी भाषा में बहरूपिया भी कहा जाता है।

कोरोना वायरस की उत्पत्ति –

कोरोना वायरस एक जीवाणु है जिसे हम वर्ष 2002 में SARS बीमारी के रूप में देख चुके है। अभी इसका रूप बदल गया है और इसे कोविड-19 का नाम दिया गया है इसका सबसे पहला मामला चीन के वुहान शहर में 8 नवंबर 2019 को देखा गया था।

उसके बाद यह विश्व भर में एक इंसान के दूसरे इंसान से संपर्क में आने से फैल गया भारत में सबसे पहला मामला 30 जनवरी 2020 को देखने को मिला था।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना का नाम COVID-19 रखा है जिसमे “CO” का अर्थ Corona है, “VI” का अर्थ virus है, “D” का अर्थ Disease है और 19 का अर्थ साल 2019 से है इससे पता लगता है की इस बीमारी की उत्पति वर्ष 2019 में हुई थी।

 कोरोना वायरस कैसे फैलता है –

कोरोनावायरस आमतौर पर  इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। यदि कोई संक्रमित व्यक्ति खास था या सीखता है तो  उससे हवा में ठोक के साथ इसके छोटे-छोटे  करण हवा में फैल जाते हैं जिससे वहां पर खड़े दूसरे व्यक्ति के सांस के साथ शरीर के अंदर चले जाते है।

  • संक्रमित व्यक्ति के साथ भोजन करने या फिर उसके पिए हुए पानी को पीने से भी यह फैलता है।
  • यह वायरस आंख, मुंह और नाक के द्वारा शरीर के अंदर प्रवेश करता है।
  • यह वायरस शरीर के बाहर 3 से 4 दिन तक जिंदा रह सकता है इसलिए सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी चीज को छूने से बचें।

कोरोना वायरस के लक्षण –

कोरोना वायरस के लक्ष्ण आमतौर पर 5 दिन के बाद दिखाई देने लग जाते है लेकिन कुछ लोगों में यह लक्षण 14 दिन के अंतराल पर दिखाई पड़ते है लेकिन भारत में अब कोरोना वायरस का एक दूसरा म्युटेंट वायरस आ चुका है।

जिसमें 2 से 3 दिन में ही लक्षण दिखाई देने लग जाते हैं और यह पहले वाले वायरस के मुकाबले बहुत घातक है और तीव्र गति से फेफड़ों और किडनी पर बुरा प्रभाव डालता है।

 यह वायरस किस लिए भी घातक है क्योंकि  इसके लक्षण सामान्य खांसी जुकाम जैसे होते हैं जिससे लोग डॉक्टर को दिखाते नहीं है और घर पर ही इलाज करने की कोशिश करते हैं जिससे यह गंभीर रूप धारण कर लेता है।

इसके लक्षण की बात करें तो इसमें सूखी खांसी, सांस लेने में तकलीफ, बदन का दर्द करना, सिर दर्द,  तेज बुखार, गले में दर्द, गंध और स्वाद का पता नहीं लगना यह इसके मुख्य लक्षण है।

  • यदि किसी व्यक्ति को सुखी खांसी के साथ बलगम और तेज बुखार होता है तो इस वायरस के होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं ( शरीर का तापमान 100 डिग्री फारेनहाइट से कम है तो यह सामान्य है)
  • इसके संक्रमण के कारण तेज बुखार जुखाम सांस लेने में तकलीफ नाक का बहना गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है।
  • इससे मांसपेशियों में जकड़न होती है और शरीर में थकावट महसूस होती है।
  • यदि किसी व्यक्ति को खांसी बुखार और सांस लेने में तकलीफ हो रही है तो यह इसका सीधा-सीधा लक्षण है।
  • कुछ व्यक्तियों में देखा गया है कि इस वायरस से संक्रमित होने पर उन्हें गंध और स्वाद का पता नहीं लगता है जो कि बेहद खतरनाक है।
  • यह वायरस अपना रूप बदलता रहता है इसलिए यह दिन प्रतिदिन घातक होता जा रहा है इसलिए इनमें से कोई भी लक्षण अगर आपको दिखाई देते हैं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।

कोरोना वायरस से बचाव के उपाय –

इस वायरस से बचने के लिए अभी तक कोई भी सुरक्षित दवाई नहीं बनी है अभी इसकी वैक्सिंग आई है जोकि कुछ हद तक ही हमारी सुरक्षा करती है। लेकिन इसे लगवाने के बाद भी कोरोनावायरस से संक्रमित होने का खतरा बना रहता है इसलिए हम नीचे दिए गए कुछ बातों को ध्यान में रखकर इस वायरस से अपना बचाव कर सकते है।

  • घर से बाहर मास्क लगा कर रखें और हो सके तो N95 मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • अपने मुंह पर बार-बार हाथ नहीं लगाना चाहिए।
  • सबसे 5 से 6 फुट की दूरी बना कर रखना चाहिए।
  • बेवजह बाजार और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए।
  • अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना चाहिए खूब पानी पीना चाहिए और पौष्टिक भोजन के साथ-साथ फल सब्जियां खानी चाहिए।
  • लोगों से हाथ मिलाने से बचना चाहिए।
  • सार्वजनिक वाहन रेलगाड़ी बस टैक्सी इत्यादि में यात्रा करने से बचना चाहिए।
  • कम से कम 20 सेकंड तक साबुन से हाथ धोना चाहिए उसके बाद सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए।
  • कोरोनावायरस से बचाव के लिए वर्तमान में  Covishield, Covaxin और Sputnik V नाम की तीन वैक्सीन भारत में उपलब्ध है जब भी आपका नंबर आए तो इसका टीका जरूर लगवाएं।

कोरोना वायरस के दुष्प्रभाव

वर्तमान में कोरोनावायरस ने पूरे विश्व में तबाही मचा कर रख दी है इसके कारण पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था गड़बड़ा गई है आइए जानते हैं कोरोनावायरस से होने वाले दुष्प्रभाव क्या है।

  • कोरोनावायरस से गरीब देशों में भुखमरी और गरीबी बढ़ गई है।
  • इसके कारण विश्व के लगभग सभी देशों की जीडीपी माइनस में चली गई है जिसके कारण लोगों के आय और व्यय प्रभावित हुए है।
  • कोरोनावायरस के कारण मृत्यु दर में बढ़ोतरी हो गई है।
  • इसके कारण सभी देशों में लॉकडाउन की स्थिति है जिससे ज्यादातर लोग बेरोजगार हो गए हैं और लोगों के व्यवसाय भी बंद हो गए है।
  • ज्यादातर घर में ही रहने के कारण लोगों में चिड़चिड़ाहट और मानसिक  समस्याएं बढ़ गई है।
  • इसके कारण लोगों में डर और भय का माहौल उत्पन्न हो गया है जिससे चोरी और कालाबाजारी की समस्या बढ़ गई है।
  • इस वायरस से बचाने वाली दवाओं के दाम बढ़ गए हैं और लोग कालाबाजारी करने पर उतर आए हैं वह समस्या में भी अवसर ढूंढ रहे है।
  • इस वायरस के कारण लोगों का सामाजिक मेलजोल लगभग समाप्त हुई ही हो गया है।
  • इसका सबसे अधिक प्रभाव बच्चों पर पड़ रहा है क्योंकि वह पूरे दिन घर पर ही रहते हैं और बाहर खेल नहीं पाते हैं जिसके कारण उनका मानसिक विकास नहीं हो पा रहा है।
  • कोरोना वायरस के कारण सरकारों का ध्यान अन्य व्यवहारिक समस्याओं से हट गया है जिसके कारण लोगों को और अधिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
  • आवारा जानवरों को मिलने वाला भोजन भी कम हो गया  जिससे कुछ जानवरों की मृत्यु हो गई और कुछ जानवर कमजोर हो गए है।

कोरोना वायरस के लाभ –

 वैसे तो कोरोनावायरस मानव जाति के लिए बहुत ही घातक सिद्ध हो रहा है लेकिन इस वायरस के कारण  हमारे पर्यावरण को कुछ लाभ भी हुए हैं जो कि हम इस वायरस के आने से पहले नहीं देख पा रहे थे।

इस वायरस के आने के बाद लगभग सभी देशों में लॉकडाउन लग गया था जिसके कारण कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य गैसों का उत्सर्जन कम हो गया और प्रदूषण की मात्रा भी पूरी तरह से गिर गई जिसके कारण आसमान साफ हो गया और  नदियों का पानी भी एकदम से साफ हो गया।

भारत में तो जो नदियां लाखों करोड़ों रुपए सरकार के खर्च करने के बावजूद भी साफ नहीं हो पा रही थी वह लोग डाउन लगाने के बाद स्वत: ही साफ हो गई. भारत में तो जो पहाड़ दूर से दिखाई नहीं देते थे वेल लॉकडाउन के बाद कई किलोमीटर दूर से भी दिखाई देने लगे।

जहरीली गैसों का उत्सर्जन नहीं होने के कारण लोगों को स्वस्थ प्राणवायु मिलने लगी, इसके कारण खनिज पदार्थों असंतुलित का जो विदोहन हो रहा था वह रुक गया।

भारत में कोरोना की स्थिति – 

भारत में कोरोनावायरस की पहली लहर का असर व्यापक तौर पर नहीं हुआ था क्योंकि इस वायरस के आते ही पूरे देश में लॉकडाउन लगा दिया गया था जिसके कारण यह वायरस फैल नहीं पाया था लेकिन जैसे ही इसकी दूसरी लहराई तो सरकार और लोग दोनों इसके प्रति गंभीर नहीं थे जिसके कारण इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ा है।

आज भारत में कोरोना वायरस के कारण यह स्थिति है कि प्रत्येक शहर और प्रत्येक गांव में इस वायरस से संक्रमित लोग मिले हैं और इसके कारण बहुत अधिक मृत्यु हुई हुई है जो कि हमें सरकारी आंकड़ों के द्वारा दिखाई पड़ती है लेकिन यह आंकड़े सही नहीं है कुछ न्यूज़ चेनलो के अनुसार सरकारों द्वारा अपनी छवि को बचाने के लिए आंकड़ों को छुपाया जा रहा है।

कोरोना वायरस के कारण भारत में बेरोजगारी और गरीबी ने 45 साल के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं जो की बहुत ही भयावह स्थिति है। अभी तक भारत में लगभग 2.77 करोड से भी अधिक कोरोना के केस आ चुके है

और इनमें से 2.51 करोड़ लोग ठीक हो चुके है. इस महामारी के कारण भारत में 3.22 लाख से भी अधिक लोगों की जान जा चुकी है। अभी भारत में इस महामारी की दूसरी लहर चल रही है।

लेकिन वैज्ञानिकों की मानें तो कुछ ही समय में इसकी तीसरी  लहर भी आने वाली है जो कि बच्चों के लिए बहुत अधिक खतरनाक बताई जा रही है। कुछ राज्यों से तो बच्चों के संक्रमित होने की खबरें भी आने लगी हैं अगर इसके ऊपर जल्द ही ध्यान नहीं दिया गया तो यह  भयंकर रूप धारण कर सकता है।

उपसंहार –

कोरोनावायरस की इस महामारी ने लगभग सभी देशों को घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया है क्योंकि इसके आगे किसी भी सरकार की नहीं चल रही है। 

इसलिए इस महामारी में सरकार के निर्देशों का पालन करना और डब्ल्यूएचओ द्वारा सुझाए गए  उपायों को अमल में लाकर ही हम इस महामारी से बच सकते हैं।

सतर्क रहें स्वस्थ रहें और जब तक जरूरी कार्य ना हो घर से बाहर ना निकले और मास्क का इस्तेमाल जरूर करें तभी इस महामारी  पर काबू पाया जा सकता है नहीं तो जैसे भारत में कोरोना की दूसरी लहर ने कहर बरपाया है।

 वैसे ही आगे आने वाली लहर भी बेकाबू हो सकती है इसलिए समय रहते हमारी सरकारों को रणनीति बनानी होगी और हमें भी उनका सहयोग करके इस महामारी पर जीत हासिल करनी होगी।

यह भी पढ़ें –


Essay on Mere Jeevan ka Lakshya Doctor in Hindi – मेरे जीवन का लक्ष्य डॉक्टर बनना

क्रिसमस पर निबंध – Essay on Christmas in Hindi

शीत ऋतु पर निबंध – Essay on Winter Season in Hindi

Essay on Mere Jeevan ka Lakshya Teacher in Hindi – मेरे जीवन का लक्ष्य शिक्षक बनना

Anopcharik Patra in Hindi – अनौपचारिक पत्र लेखन

हम आशा करते है कि हमारे द्वारा Essay on Coronavirus in Hindi पर लिखा गया निबंध आपको पसंद आया होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले।

इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।

अपना सुझाव और कमेन्ट यहाँ लिखे

You have to agree to the comment policy.