26 जनवरी भाषण – Republic Day Speech in Hindi for school students

Republic Day Speech in Hindi for school students : दोस्तों आज हम ने गणतंत्र दिवस पर भाषण लिखा है हमने देखा है कि अक्सर विद्यार्थियों को 26 जनवरी पर भाषण लिखने को दिया जाता है लेकिन उन्हें भाषण लिखने का इतना ज्यादा तजुर्बा नहीं होता है

इसलिए हमने यह निबंध लिखा है जिसकी सहायता से विद्यार्थी गणतंत्र दिवस के दिन भाषण देने की तैयारी कर सकते है.

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Republic Day Speech in Hindi for school students 200 words


सभी अधिकारों का रक्षक अपना यह गणतंत्र पर्व है
लोकतंत्र ही मंत्र हमारा हम सबको इस पर ही गर्व है

इस 70 वे गणतंत्र दिवस के उपलक्ष में कक्षा 7 का छात्र विशाल कुमार आप सब को प्रणाम करता हूं और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देता हूं आज हमारा गणतंत्र दिवस है गणतंत्र दिवस हमारा राष्ट्रीय त्यौहार है हर साल इसी दिन यह उत्सव बड़े ही धूमधाम से पूरे देश में मनाया जाता है

26 जनवरी सन 1950 में भारत का संविधान लागू हुआ था उसी दिन से हमारा भारत संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बन गया.

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गणतंत्र का अर्थ है देश में रहने वाले लोगों की सर्वोच्च शक्ति और सही दिशा में देश के नेतृत्व के लिए राजनेतिकता के रूप में अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए केवल जनता के पास अधिकार है

गणतंत्र दिवस पर हमारे जीवन का लक्ष्य यह होना चाहिए कि सर्वप्रथम दूसरों के अधिकारों की रक्षा हो तभी सही मायने में हम अपनी संविधान को पूर्णता प्रदान कर सकेंगे चलो इस पुण्य दिवस पर हम प्रण ले कदम से कदम मिलाकर इस देश को विश्व के मानचित्र पर एक मुख्य स्थान प्रदान करें

सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुले हैं इसके ये गुलसिता हमारा

जय हिंद, जय भारत धन्यवाद

Republic Day Speech in Hindi 300 words


ना आने का ,ना बान का ,नशा मातृभूमि की शान का
लहराएंगे हर जगह तिरंगा हिंदुस्तान का

आदरणीय महोदय, सहायक महोदय, मंचासीन अतिथिगण, उपस्थित शिक्षकगण एवं मेरे प्रिय सहपाठियों गणतंत्र दिवस की 70वीं वर्षगांठ पर आप सभी को हार्दिक बधाई. बधाई उस दिन की जिस दिन हमारा देश एक गणराज्य बना हमारे देश में संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न गणराज्य होने का गौरव पाया.

हमारे भारत का नाम विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में गौरव के साथ किया जाता है प्रकृति ने हमारे देश का निर्माण एक सुंदर देवी के रूप में किया है हिमालय की बर्फ से ढकी हुई पहाड़ियां उसका सुंदर मुकुट है तथा हमारा संविधान अनेक विशेषताओं से युक्त देश की आत्मा है.

धर्मनिरपेक्षता भारतीय संविधान की प्रमुख विशेषता है भारत की धरती को धर्म भूमि भी कहा जाता है ऐसी स्थिति में भी सभी धर्मों का समुचित विकास और शांति व्यवस्था के लिए लोकतांत्रिक देशों में धर्मनिरपेक्षता एक आदर्श है.

यदि भारत के इस आदर्श को विश्व परिदृश्य में स्वीकार कर लिया जाए तो ना तो आतंकवाद होगा ना उसे रोकने के लिए सरकारों द्वारा व्यय की जाने वाली विशाल राशि व्यर्थ हो ना पैरिस आतंकी हमला होना ना मुंबई आतंकी हमला होना और ना ही पठानकोट हमला.

भारत रत्न बाबा अंबेडकर अध्यक्षता वाली संविधान मैं 404 अनुच्छेद 09 परिशिष्ट कुल 84 भागो वाला संविधान स्वीकृत किया भारत में संविधानत्मक नामक व्यवस्था को अपनाया गया ऐसी अनेका एक विशेषताओं से हमारा संविधान हमारे देश को मजबूती प्रदान कर रहा है.

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यह पर अति प्रेरणादाई है जो हमें अपने मौलिक अधिकार और गौरव कर्तव्य के प्रति जागरूक बनाता है अत: यह हमारा स्वभाविक कर्तव्य है कि हमें देश के मान-सम्मान और गौरव के लिए इस गणतंत्र दिवस को अर्थपूर्ण बनाने में अपना योगदान देकर इस पर्व को साकृत बनाएं.

अत: मैं आप सभी को एक बार पुन: गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई देता हूं.

जय भारत, जय हिंद, धन्यवाद

Republic Day Speech in Hindi 500 Words


आदरणीय विशिष्ट महोदय जी, प्राचार्य जी, मंचासीन अतिथिगण, शिक्षक गण और मेरी प्यारे सहपाठियों मैं अनुज कक्षा 10 का छात्र है देश के सबसे बड़े उत्सव गणतंत्र दिवस पर आपका हार्दिक स्वागत करता हूं. आज 26 जनवरी के दिन हम इस प्रांगण में गणतंत्र दिवस मनाने के लिए उपस्थित हुए है.

आज ही के दिन हमारे देश के लोकतंत्र को मजबूत करने वाला संविधान लागू हुआ था जिसने हमें हमारे अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में अवगत कराया. आज मैं उन सभी शहीदों और महापुरुषों को मस्तक झुकाकर नमन करता हूं क्योंकि उन्हीं के कारण आज हम आजाद देश में चैन की सांस ले पा रहे है.

हमारा देश हमेशा से ही त्याग, बलिदान, साहस और वीरता की भूमि रहा है हमारा देश में एक तरफ सबसे ऊंचा हिमालय है तो दूसरी तरफ सबसे बड़ा समंदर है जो इसकी सुंदरता में चार चांद लगा देता है. भारत की वैभवशाली भूमि जिसे भारत माता के नाम से भी पुकारा जाता है.

ये वंदन की भूमि है, अभिनंदन की भूमि है ये दर्पण की भूमि है, ये अर्पण की भूमि है, शहीदों की भूमि है ये बलिदानों की भूमि है, ये महापुरुषों की भूमि है, ये न्याय की भूमि है, ये धर्म की भूमि है, ये अनेकता में एकता के प्रतीक की भूमि है आओ इस अनेकों विशेषताओं वाली भूमि को नमन करें.

हमारा देश आज हर क्षेत्र में प्रगति कर रहा है खिलाड़ी खेलों के माध्यम से हमारे देश का नाम रोशन कर रहे हैं तो इसरो कम लागत में अच्छे अनुसंधान कर रहा है हमारी इन सफलताओं के आगे विदेशी शक्तियां भी नतमस्तक हो गई है.

तन अनेक, पर एक प्राण, स्वर अनेक, पर गान एक,
हम कण कण पर छा जाएंगे बन कर भारत का स्वाभिमान

यहां की कण कण में बसा है त्याग, सच्चाई, ईमानदारी, जोश, जुनून, कर्तव्यनिष्ठा और सफलता की ओर तेजी से बढ़ते कदम, ऐसा प्यारा हिंदुस्तान है मेरा.

मैं अपने साथी सहपाठियों से निवेदन करूंगा कि वे भी सदा सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलें अगर कोई कठिनाई आए तो उसे पीछे हटने की वजह डट कर उसका मुकाबला करें हम भारत के नए वीर योद्धा हैं हम हमारे देश की अमूल्य सकती है जो कि भारत को नई ऊंचाइयों तक लेकर जाएंगे.

आज समाज में भ्रष्टाचार, कुपोषण, गरीबी, महंगाई, महामारी, कालाबाजारी जैसी कई समस्याएं हैं लेकिन अगर हम एकजुट होकर इन समस्याओं के खिलाफ आवाज उठाएं तो इनको जड़ से खत्म कर सकते हैं यह शक्ति हमारे युवा हाथों में है.

आओ आज प्रण ले इन सभी समस्याओं को हमे जड़ से मिटाना है और हमारे देश को फिर से सोने की चिड़िया बनाना है.

यह धरती नहीं मान हमारा, सम्मान है हमारा
यह विश्वास है हमारा, यह जान है हमारी, शान है हमारी

अगर एक लाइन में भारत के बारे में कुछ कहना हो तो यही कहा जा सकता है कि भारत तेजी से बढ़ता हुआ विकासशील देश है यहां के लोग जागरूक है, सेवाभावी है, खुले दिलवाले है परंपरा के साथ आधुनिकता का तालमेल सिर्फ हमारे भारत देश में ही देखा जा सकता है.

जय हिंद, जय भारत, वंदे मातरम

Republic Day Speech in Hindi for school students 1000 Words


आदरणीय मुख्य अतिथि महोदय, प्राचार्य जी, गुरु जन एवं मेरे साथी गण मैं रविंद्र कुमार कक्षा 11 का छात्र आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं.

आज गणतंत्र दिवस के इस पावन अवसर पर मुझे आपको बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आज हम गणतंत्र दिवस की 70वीं वर्षगांठ मना रहे है. यह अवसर है गाने का बजाने का, मिठाइयां बांटने का लेकिन जरा ठहरो जरा याद कर लो उन वीर जवानों को जिन्होंने इस मातृभूमि के लिए अपना बलिदान दे दिया.

आज हम जिस मातृभूमि पर इतराते है उसकी आजादी के लिए जिन शहीदों ने प्राण त्याग दिए जरा उनके परिवार को भी याद कर लो, याद करो उन जवानों को जो आज भी सरहदों पर दिन-रात, सर्दी में गर्मी में हमारी रक्षा के लिए लगे हुए है.

याद करो उस शहीद भगत सिंह को जिसने 23 साल की उम्र में देश की आजादी के लिए फांसी के फंदे पर झूल गया याद करो उन जवानों को जो हंसते-हंसते मातृभूमि के लिए शहीद हो गए.

आज अगर वे नहीं होते तो आज भी हम गुलामी की जिंदगी व्यतीत कर रहे होते, आज भी हमें अंग्रेजों की हुकूमत तानाशाही और क्रुरता को झेलना पड़ता, आओ शीश नवाए उन वीर शहीदों को आओ शत-शत नमन करें.

हमारे देश का संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था हमारे संविधान को डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने लिखा था यह देश उनका सदा ही कृतज्ञ रहेगा कि उन्होंने गरीब और अमीर को एक समान रखा. हमारे संविधान का मूल उद्देश्य देश के प्रत्येक व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा और लोकतंत्र को मजबूत करना था.

यह संविधान ही है जो हमें अपना प्रतिनिधि चुनने का मौका देता है हमें स्वतंत्रता पूर्वक किसी भी बात को दुनिया और सरकार के सामने रखने का मौका देता है. इसी के कारण आज हम दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है.

आज इस संविधान की बदौलत हम बहुत हद तक कामयाब हुए है हर क्षेत्र में हमारे देश में विजय के झंडे गाड़े है हमने उन विकसित देशों को दिखा दिया है कि हम भी किसी से कम नहीं है.

एक जमाने में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था लेकिन कुछ विदेशी ताकतों ने तो कुछ देश के गद्दारों ने देश को इतना लूटा कि आज भी हमारा देश विकासशील देशों की श्रेणी में आता है. वर्तमान में भी देश में ऐसा ही माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है बड़े-बड़े नेताओं और बड़ी हस्तियों द्वारा आए दिन घोटाले किए जा रहे है.

ना हिंदुओं से ना मुसलमानों से ना सीखो से ना ईसाइयों से
इस मुल्क को तकलीफ है गद्दार और बेईमानों से

लोगों को धर्म-जाति, अमीरी, गरीबी, के आधार पर बांटा जा रहा है जिसके कारण हमारे देश की प्रगति धीमी हो गई है. आपने देखा होगा कि जब भी वोटों का टाइम आता है तो नेता लोग हमें जाति और धर्म के नाम पर उलझा देते है ताकि हम उनके द्वारा किए गए वादों पर बात ना कर सके.

अमर शहीद भगत सिंह ने सही कहा था कि हम अंग्रेजों को तो देश से निकाल देंगे लेकिन हमें खतरा है तो देश के गद्दारों से है. दोस्तों हमें समझना होगा कि पहले भी अंग्रेजों ने हमें जाति और धर्म के नाम पर बैठा था और आज वही काम हमारे बीच बैठे हुए हमारे चुने हुए प्रतिनिधि कर रहे है और हम भावनाओं में बह कर एक दूसरे से लड़ रहे है.

लानत है 21वीं सदी के पढ़े-लिखे भारत के लोगों पर कि वे इन बड़े लोगों की मनसा समझ नहीं पा रहे है. इस बात पर एक शायरी याद आ रही है वह मैं बोलना चाहूंगा –

बहती है प्रेम की गंगा तो बहने दो,
बहती है प्रेम की गंगा तो बहने दो,
क्यों करते हो तंग, देश में तिरंगा रहने दो
अरे, हमें लाल और हरे रंगों में मत बांटो
हर घर पर तिरंगा रहने दो

आजकल एक और बड़ी समस्या हमारे देश में देखने को मिल रही है वह है असफलता, असफलता के डर से कई नौजवान आत्महत्या कर लेते है या फिर इस तरह से हताश हो जाते है कि जैसे उन्हें कभी सफलता मिलेगी ही नहीं.

मैं अपने साथियों और देश की सभी नौजवानों को कहना चाहूंगा कि आज हर क्षेत्र में चुनौतियां हैं कठिनाइयां हैं लेकिन जब तक हम उन कठिनाइयों और चुनौतियों से लड़ेंगे नहीं तब तक हम सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते है.

एक चींटी अपने से दुगना भार उठाकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती है वह बार-बार गिरती है पड़ती है लेकिन फिर संभलती है और सफलता को प्राप्त कर लेती है उसी प्रकार हमें भी निरंतर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करते रहना होगा.

सफलता की सीढ़ियां चढ़ते समय ज्यादातर लोग हमें डराएगे और कहेंगे कि बड़े-बड़े लोग इस कार्य को नहीं कर सके तो तुम भी नहीं कर सकते, उन लोगों की बात सुनकर हमें हताश नहीं होना है वे लोग ऐसी बातें इसलिए करते हैं क्योंकि उन्होंने कभी भी ऐसा करने की कोशिश नहीं की और वे नहीं चाहते कि आप उनसे आगे निकल जाए

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जब आप एक अच्छे रास्ते पर चलते हो तो सबसे पहले लोग आप को नकार देंगे, दूसरा जवाब कोई बड़ा काम करते हो तो लोग आपको झूठा साबित करने की कोशिश करेंगे,

और अगर फिर भी आप आगे बढ़ते रहे तो लोग आप के चरित्र पर अंगुली उठाएंगे लेकिन आपको अपना कार्य करते रहना है चौथे नंबर पर वह सब लोग मिल चुके होंगे और आप सफलता पा चुके होंगे.

तो मैं सिर्फ आपसे यही कहना चाहूंगा कि हमेशा अपने लक्ष्य के ऊपर ध्यान होना चाहिए क्योंकि सफलता उन्हीं लोगों को नहीं मिलती है जो अपने लक्ष्य से नजर हटा लेते है.

आखिरी शब्दों मैं भारत के लिए सिर्फ इतना कहना चाहूंगा कि –

तन मन धन अर्पित कर दो अभिनव अभियान को
वंदन कर लो अमर शहीदों के खूनी बलिदान को
और हिम शिखरों से ऊंची कर दो हिंदुस्तानी शान को
और वक्त पड़े तो मस्तक दे दो भारत स्वाभिमान को

जय हिंद, जय भारत


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हम आशा करते है कि हमारे द्वारा Republic Day Speech in Hindi for school students पर लिखा गया भाषण आपको पसंद आया होगा। अगर यह लेख आपको पसंद आया है तो अपने दोस्तों और परिवार वालों के साथ शेयर करना ना भूले। इसके बारे में अगर आपका कोई सवाल या सुझाव हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं।


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