Jiyo Aur Jeene do Essay in Hindi – जियो और जीने दो पर निबंध

दोस्तों आज हमने Jiyo Aur Jeene do Essay in Hindi के संदेश के बारे में लेख लिखा है हमने इस लेख में इस संदेश के पीछे छुपे मतलब के बारे में बताया है. जियो और जीने दो पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11, 12 के विद्यार्थियों के लिए है. हमने इस निबंध की सहायता से बताया है कि आजकल लोगों का जीवन कितने स्तर तक गिर चुका है और उसमें सुधार करने की आवश्यकता है.

Jiyo Aur Jeene do Essay in Hindi

जिओ और जीने दो का संदेश भगवान महावीर ने वर्षों पहले ही दे दिया था उन्होंने यह संदेश इसलिए दिया था कि सभी लोग प्रेम पूर्वक और सेवा भाव से अपना जीवन व्यतीत करें. लेकिन हम मनुष्य द्वारा आज तक ही संदेश का पालन नहीं किया गया है.

हम आज भी उसी लड़ाई झगड़े की विचारधारा में जी रहे है एक दूसरे के साथ मारकाट कर रहे है धर्म के नाम पर ऐसे लड़ रहे है मानो जैसे कोई विश्व युद्ध छिड़ गया हो. हमें यह कभी भी नहीं भूलना चाहिए कि धर्म हमें कभी भी लड़ाई झगड़ा या एक दूसरे से ईर्ष्या करना कभी नहीं सिखाता है.

Jiyo Aur Jeene do Essay in Hindi

प्रत्येक धर्म हमें हर व्यक्ति के धर्म का आदर करना सिखाता है प्रत्येक धर्म में लिखा है कि एक दूसरे के प्रति सेवा भाव रखें और सभी को प्यार करें लेकिन कुछ लोगों द्वारा धर्म के नाम पर गलत संदेश पहुंचाया जाता है जिसके कारण इंसान ही इंसान की जान का प्यासा हो जाता है.

जिओ और जीने दो का संदेश केवल इंसानों तक ही सीमित नहीं है यह धरा पर उपस्थित सभी प्राणियों के लिए है लेकिन इंसानों द्वारा यह संदेश सभी अमल में लाया ही नहीं जाता है वह दिन प्रतिदिन करूर होता जा रहा है. वह बेजुबान जानवरों और पक्षियों पर भी अपनी बर्बरता दिखा रहा है.

इसके कारण जानवर और पक्षियों का जीवन दुर्भर हो गया है और जानवरों पक्षियों की कुछ प्रजातियां तो अब विलुप्त ही हो गई है और कुछ विलुप्त होने की कगार पर है. यह सारी घटनाएं मानव द्वारा पशु पक्षियों पर किए जा रहे हैं अत्याचार को दर्शाता है.

जबकि Jiyo Aur Jeene do का संदेश हमें यह सिखाता है कि हमें धरती के सभी प्राणियों के साथ मिल जुलकर रहना चाहिए एक दूसरे को कभी भी चोट नहीं पहुंचा नहीं चाहिए. लेकिन मानव द्वारा एक बात का पालन नहीं किया जाता है.

मानव आजकल अपना जीवन बेतरतीब तरीके से जीने लगा है एक आदमी दूसरे आदमी को नहीं जानता है और अगर कोई व्यक्ति मुसीबत में होता है तो उसकी मदद करने कोई भी नहीं आता है इस दुनिया में इतने लोग होते हुए भी लगता है कि अब लोग अकेले ही जीवन यापन कर रहे हैं.

हर इंसान दूसरे इंसान को नीचा दिखाने में लगा हुआ है वह जाति के नाम पर लोगों को नीचा दिखाना चाहता है वह अमीरी और गरीबी के नाम पर लोगों को नीचा दिखाना चाहता है. यह नीचा दिखाने की चाह इंसान को इंसान से जानवर बना रही है.

लेकिन सही मायनों में बात करें तो जानवर इंसान से बेहतर है हालांकि इंसान को दिमाग सबसे अच्छा मिला है वह धरती पर सबसे बुद्धिमान प्राणी है फिर भी वह है आजकल जानवरों से भी बत्तर काम कर रहा है. जानवर तो सिर्फ जानवर का शिकार करता है लेकिन मानव सबसे बुद्धिमान प्राणी होने के बाद में भी वह लड़ता झगड़ता रहता है और धरती पर रहने वाले अन्य प्राणियों को भी नुकसान पहुंचाता है.

मानव सभ्यता को यह समझना होगा कि धरती पर आने वाला प्रत्येक प्राणी को अपने जीवन जीने का हक होता है लेकिन मानव द्वारा यह बात कभी गले से नहीं उतरती है.

वर्तमान में तो और भी स्थिति खराब हो चुकी है छोटी बच्चियों से लेकर बड़ी महिलाओं तक का घर से निकलना जैसे कि किसी युद्ध में जाना हो गया है. वर्तमान में छोटी बच्चियों को मार दिया जाता है उनके साथ बलात्कार जैसी घटनाएं बढ़ रही है यह मानवता की क्रूरता को दर्शाता है.

आजकल लोग किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी से आगे जाते नहीं दे सकते हैं भी सफल व्यक्ति को हमेशा नीचे खींचने की कोशिश करते है. लोगों की मानसिकता इस तरह से खराब हो चुकी है कि वह दूसरे व्यक्ति को नीचा दिखाने के लिए किसी भी हद से गुजर सकते हैं यहां तक कि एक दूसरे की हत्या तक कर सकते है.

आजकल लोग अपने से बड़ों का आदर नहीं करते है लोग अपने माता पिता का आदर करने से कतराते हैं और माता-पिता का बुढ़ापा आने पर उन्हें अपने घरों से बाहर निकाल देते है. लोग ऐसा कैसे कर लेते हैं अपने माता पिता को घर से बाहर निकालने पर ही दिल सीहर सा जाता है.

छल और कपट तो देते मानव जीवन का हिस्सा ही बन गया है. भाई-भाई को मार रहा है लोग अपने ही रिश्तेदारों को नुकसान पहुंचा रहे है. यह देख कर ऐसा लगता है कि अब रिश्तो का कोई मूल्य नहीं रह गया है. लोगों में दया नाम की भावना ही खत्म हो गई है.

मानव को सभी प्राणियों के साथ मिल जुलकर रहना चाहिए जिससे सभी लोग अपना जीवन खुशहाली से बिता सके. हमारे मन में प्रत्येक प्राणी के लिए दया और करुणा की भावना हमेशा रहनी चाहिए. हमें प्रत्येक व्यक्ति की सहायता करनी चाहिए और जानवरों और पक्षियों को मारना नहीं चाहिए बल्कि उन से प्रेम करना चाहिए.

अगर जानवरों और पक्षियों से प्रेम से पेश आया जाए तो यह इतने वफादार होते हैं कि इतना तो इंसान भी नहीं होता है. सभी लोग प्रेम भावना से जीना चाहते हैं लेकिन कुछ असामाजिक लोगों द्वारा पूरे समाज को खराब कर दिया जाता है. इस कारण पूरे समाज में अराजकता फैल जाती है और लोग एक दूसरे की जान के प्यासे हो जाते है.

अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह दिन दूर नहीं है जब इस धरती पर से प्राणियों का नामो निशान मिट जाएगा क्योंकि यह लड़ाई झगड़ा कभी भी किसी को फायदा नहीं पहुंचाता है यह हमेशा नुकसान ही करता है.

यह स्थिति बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि धरती का सबसे बुद्धिमान प्राणी ही आज धरती को खत्म करने में लगा हुआ है.

एक इंसान दूसरे इंसान से सीधे मुंह बात नहीं करता है आगे जाकर परिस्थितियां और खराब हो सकती है इसलिए हमें जिओ और जीने दो का संदेश सभी लोगों में पहुंचाना चाहिए और इसका सही मतलब भी लोगों को बताना चाहिए.


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