नारी शिक्षा पर निबंध – Essay on Nari Shiksha in Hindi

Essay on Nari Shiksha in Hindi : दोस्तों आज हम ने नारी शिक्षा पर निबंध लिखा है क्योंकि हमारे भारत देश में आज भी नारी शिक्षा पर अत्यधिक ध्यान नहीं दिया जाता है जिसके कारण हमारे समाज का एक तबका पिछड़ा हुआ रह जाता है. यह बहुत ही दुख की बात है कि 21वीं सदी के भारत में भी महिलाओं को शिक्षित करने के लिए बढ़ावा नहीं मिल रहा है.

हमें महिलाओं को शिक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे तभी जाकर हमारे देश का सही मायनों में विकास हो पाएगा.

अक्सर कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11 और 12 के विद्यार्थियों को परीक्षाओं में Nari Shiksha पर निबंध लिखने को दिया जाता है इस निबल की सहायता से भी परीक्षाओं में अच्छा लेख लिख पाएंगे.

Essay on Nari Shiksha in Hindi

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हमारे भारत देश शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है इसके पीछे कई कारण हैं जैसे कि रूढ़िवादी विचारधारा गरीबी और लोगों की गलत सोच इसी के कारण आज हमारा देश विकासशील देशों की श्रेणी में आता है आज किसी सदी के भारत में शिक्षा के क्षेत्र में फिर भी सुधार हुआ है लेकिन नारी आज भी क्षेत्र में पिछड़ी हुई है.

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पुराने जमाने से ही हमारे देश में नारी की शिक्षा को अहमियत नहीं दी गई है जिसके कारण आज नारी को शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. हमारे समूचे देश में पुरुषों और महिलाओं की संख्या लगभग बराबर है लेकिन जब शिक्षा क्षेत्र की बात आती है तो महिलाएं पिछड़ जाती है.

हमें नारी शिक्षा पर भी ध्यान देना होगा क्योंकि अगर महिलाएं पढ़ी लिखी होंगी तो वह अपने बच्चों को भी साक्षर बनाएंगी और समाज में फैली महिलाओं के प्रति कुरुतिया भी कम होगी. महिलाएं पढ़ी लिखी होंगी तो उनको अपने अधिकारों के बारे में पूरी जानकारी होगी.

पिछले कुछ वर्षों से सरकार ने भी नारी शिक्षा पर ध्यान दिया है और इसको लेकर कई योजनाएं भी चलाई है जिनसे कई महिलाओं को शिक्षा प्राप्त हुई है. नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के कारण ही आज की नारी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है.

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रूपरेखा –

किसी भी देश के विकास में महिलाओं और पुरुषों का बराबर का स्थान होता है उसी प्रकार महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर अधिकार दिए जाने चाहिए तभी उस देश का आर्थिक और सामाजिक विकास हो पाएगा. कई वर्षों तक हमारा भारत देश विदेशी ताकतों का गुलाम रहा है जिसके कारण नारी शिक्षा को बढ़ावा नहीं मिल पाया है.

इसी कारण हमारा भारत देश आज भी पिछड़ा हुआ है हमारे देश में महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार नहीं मिलने और अन्य सामाजिक कुरूतियो के कारण नारी शिक्षा को बढ़ावा नहीं मिल पाया है. हमें किसी सदी के भारत में महिलाओं को शिक्षा देने का पूरा प्रयास करना चाहिए.

नारी शिक्षा का महत्व –

(1) वर्तमान में नारी शिक्षा का बहुत अधिक महत्व है. जिस प्रकार जीवन जीने के लिए किसी व्यक्ति को ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है उसी प्रकार किसी देश को अगर विकसित होना है तो सबसे पहले वहां की महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है.

(2) नारी शिक्षा के महत्व को हमने नीचे महत्वपूर्ण बिंदुओं की सहायता से समझाया है जो कि निम्नलिखित है –

(3) अगर महिलाएं शिक्षित होगी तो वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होंगे जिसके कारण वे समाज में क्षेत्र में आगे होंगी.

(4) महिलाओं के शिक्षित होने के कारण कोई उनके साथ दुर्व्यवहार नहीं कर पाएगा.

(5) नारी अगर शिक्षित होगी तो समाज में व्याप्त लोगों की रूढ़िवादी विचारधारा समाप्त होगी साथ ही लोगों की सोच में बदलाव आएगा.

(6) नारी के शिक्षित होने के कारण उनका कोई शोषण नहीं कर पाएगा.

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(7) नारी अगर पढ़ी लिखी होगी तो वह निर्भीक होकर अपना जीवन यापन कर सकती है.

(8) महिलाएं पढ़ी लिखी होंगी तो समाज का सामाजिक स्तर सुधरेगा क्योंकि एक बच्चे की पहली गुरु नारी ही होती है अगर वहीं से बच्चों को अच्छा ज्ञान प्राप्त हुआ तो हमारे समाज का सामाजिक स्तर स्वत: अच्छा हो जाएगा.

(9) नारी शिक्षित होगी तो दहेज प्रथा, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों का अंत हो जाएगा.

(10) नारी पढ़ी लिखी होगी तो वह हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर काम कर पाएगी जिसे देश का आर्थिक विकास होगा साथ ही परिवार का रहन सहन भी अच्छा होगा.

(11) नारी के पढ़े-लिखे होने के कारण व अपना भविष्य खुद बना पाएगी और उसे किसी और के भरोसे जीवन यापन नहीं करना होगा.

(12) अगर हमारे देश की महिलाएं पढ़ी लिखी होंगी तो हमारा देश जल्दी विकासशील देशों की श्रेणी से निकलकर विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा.

निष्कर्ष –

हमारे देश में नारी शिक्षा की बहुत कमी है अगर हमारे समाज और सरकार द्वारा प्रयास किया जाए तो हमारे देश की सभी महिलाएं पढ़ी लिखी होंगी. जिससे देश का विकास दुगनी तेजी से होगा. हमें हमारी समाज के लोगों को नारी शिक्षा के प्रति जागरूक करके अपना सहयोग देना चाहिए.

अगर महिलाएं पढ़ी लिखी होगी तो संपूर्ण समाज पढ़ा लिखा होगा जिससे लोगों भ्रष्ट मानसिकता में सुधार आएगा और महिलाएं अपना जीवन शोषण मुक्त और सशक्त होकर जी पाएंगी.

हमारी राज्य और केंद्र सरकार द्वारा तो महिलाओं को बढ़ाने का प्रयास किया ही जा रहा है लेकिन जब तक हम जागरुक नहीं होंगे तब तक महिलाओं को पढ़ने लिखने का संपूर्ण अधिकार नहीं मिल पाएगा.

Essay on Nari Shiksha in Hindi 1900 words


प्रस्तावना –

किसी भी राष्ट्र के निर्माण में शिक्षा का बहुत बड़ा महत्व होता है जिस देश के लोग शिक्षित नहीं होते है वहां पर आर्थिक और सामाजिक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है. हमारे देश में भी शिक्षा की कमी है हमारे भारत देश के पुरुष प्रधान देश होने के कारण ज्यादा मात्रा में पुरुष पड़े हुए हैं लेकिन महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं मिलने के कारण आज शिक्षा के क्षेत्र में महिलाएं पिछड़ी हुई है.

हमारे देश में महिलाओं को देवी के रूप में पूजा जाता है लेकिन जब बात शिक्षा की आती है तो रूढ़िवादी विचारों पारंपरिक परंपराएं बीच में आ जाती है यह बहुत ही विडंबना का विषय है कि जिस देश में पौराणिक में महिलाओं का सम्मान किया जाता था.

आज उसी देश में महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए लड़ना पड़ रहा है. नारी की शिक्षा के महत्व को विकसित देशों ने पहले ही पहचान लिया था इसलिए उन्होंने सभी को चाहे वो पुरुष हो या फिर नारी सबको समान शिक्षा का अधिकार दिया इसी कारण उन देशों ने दुगनी तेजी से तरक्की की और आज भी विकसित देशों की श्रेणी में आते है.

हमें भी नारी शिक्षा को बढ़ावा देना होगा वैसे तो सरकार द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं और कहीं ना कहीं यह प्रयास सफल भी हो रहे हैं जिसके कारण आज नारी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है.

नारी शिक्षा के लाभ –

नारी शिक्षा का हमारे देश में बहुत अधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर एक महिला पढ़ी लिखी होगी तो वह दो परिवारों को बढ़ा सकती है और अच्छे संस्कार दे सकती है. अपने बच्चों की प्रथम गुरु भी एक महिला की होती है
इसलिए अगर एक महिला पढ़ी लिखी होगी तो वह अपने बच्चों को सही शिक्षा दे पाएगी.

नारी शिक्षा के लाभ को हमने बिंदुबध तरीके से नीचे लिखा है –

(1) महिलाओं का जागरूक होना – अगर एक महिला पढ़ी लिखी होगी तो वह अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होगी जिसके कारण उनसे कोई धोखा या छल कपट नहीं कर पाएगा और इसके कारण भी हर क्षेत्र में अपने कदम + पाएगी और एक नए भारत के निर्माण में सहयोग कर पाएगी.

(2) कन्या भ्रूण हत्या में कमी आना – कन्या भ्रूण हत्या के मामले ज्यादातर महिलाओं की अशिक्षित होने के कारण भी होते हैं क्योंकि उन्हें परंपराओं और रूढ़िवादी विचारधाराओ की बातों में उलझा कर उनके परिवार वाले उन्हें कन्या भ्रूण हत्या के लिए मना लेते है. लेकिन जब महिला पढ़ी लिखी होगी तो उसे पता होगा बेटा हो या फिर बेटी दोनों समान होते है इसलिए वे कन्या भ्रूण हत्या का विरोध करेगी और कन्या भूण हत्या में गिरावट आएगी.

(3) लैंगिग भेदभाव में कमी आना – हमारे देश में आज भी लैंगिकता के आधार पर भेदभाव किया जाता है यह सामान्य तौर पर गांव में ज्यादा देखने को मिलता है क्योंकि वहां पर महिलाएं पढ़ी लिखी नहीं होती है इसलिए भी अपने अधिकारों के लिए सचेत नहीं होती हैं अगर वे शिक्षित होगी अपने अधिकारों के प्रति लड़ पाएंगे और लैंगिक भेदभाव जैसी समस्या को जड़ से उखाड़ फेकेंगी.

(4) दहेज प्रथा में कमी आना – वर्तमान में दहेज प्रथा को बढ़ावा इसलिए मिल रहा है क्योंकि ज्यादातर लड़कियां पढ़ी लिखी नहीं होती है और कुछ लड़कियां कम पढ़ी लिखी होती है तो उन्हें अपने भविष्य की फिक्र रहती है कि वे बढ़ती महंगाई में अपना जीवन यापन कैसे कर पाएंगी.

इसलिए उनके माता पिता दहेज देकर उनका विवाह करते है. अगर लड़कियां पढ़ी लिखी होंगी तो उन्हें दहेज प्रथा जैसी किसी भी प्रथा का सामना नहीं करना पड़ेगा और भी अपना जीवन निर्भीक होकर अपने चुने हुए साथी के साथ सहजता से जी पाएंगी.

(5) रूढ़िवादी विचारधाराओं से छुटकारा – हमारे भारत में पुरुष प्रधान देश होने के कारण महिलाओं को रूढ़िवादी विचारधारा का हवाला देकर शिक्षित नहीं किया जाता है उन्हें कहा जाता है कि मैं ज्यादा पढ़ लिख कर या फिर शिक्षित होकर क्या करेंगे उन्हें आगे जाकर भोजन ही तो बनाना है इसलिए ज्यादातर लोग उनकी शिक्षा पर ध्यान नहीं देते है.

अगर महिला पढ़ी लिखी होगी तो वह अपनी बेटियों को भी पढ़ाएंगे जिसके कारण रूढ़िवादी विचारधारा का अंत हो जाएगा.

(6) हर क्षेत्र में कार्य करने का अवसर प्राप्त होना – वर्तमान में महिलाओं को अच्छी शिक्षा मिलने के कारण आप देख पा रहे होंगे कि हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुषों से भी आगे निकल गई है यह सिर्फ शिक्षा के कारण ही हो पाया है अगर भी शिक्षित नहीं होती तो शायद आज महिलाएं इतनी तरक्की नहीं कर पाती.

(7) संपूर्ण परिवार शिक्षित होगा – हमारे देश में ज्यादातर महिलाएं ही अपने बच्चों का पालन पोषण करती है और ज्यादा समय उनके साथ रहती हैं इसलिए अगर महिलाएं शिक्षित होगी तो वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पाएंगी जिससे आगे आने वाली पूरी पीढ़ी शिक्षित होगी.

(8) देश के सामाजिक स्तर में सुधार – महिलाएं अगर शिक्षित होगी तो वे अपने बच्चों को भी शिक्षित करेंगे और साथ ही उन्हें अच्छे और बुरे के बारे में बता पाएंगी. आपने देखा होगा कि अशिक्षित महिलाओं के बच्चे या तो भीख मांगते हैं या फिर मजदूरी करते है जिसके कारण उनका पूरा जीवन गरीबी में बीता है कभी-कभी तो वे गरीबी से तंग आकर चोरी-चकारी करने लग जाते है. और अगर वही महिलाएं शिक्षित होगी तो सामाजिक स्तर में सुधार आएगा.

(9) देश के आर्थिक स्तर में सुधार – वर्तमान में भी पुरुषों की तुलना में महिलाएं कम पढ़ी लिखी है लेकिन जब महिलाओं को पढ़ने का पूर्ण अधिकार दिया जाएगा तो वे भी पुरुषों की तरह हर क्षेत्र में काम करेंगे जिससे बेबी कुछ आमद नहीं कर पाएंगे और अधिक बचत होगी और इसी से देश की आर्थिक स्थिति में सुधार आना प्रारंभ हो जाएगा.

अशिक्षित नारी के दुष्परिणाम –

(1) महिलाओं का शोषण होना – अगर महिलाएं पढ़ी-लिखी नहीं होंगी तो उनका हर क्षेत्र में शोषण किया जाएगा उन्हें हर जगह पर नीचा दिखाने की कोशिश की जाएगी साथ ही उनके साथ कुछ लोग क्रूरुर व्यवहार भी करेंगे इसलिए वर्तमान में महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरूरी है.

(2) रूढ़ीवादी विचारधाराओं का हावी होना – नारी अगर शिक्षित नहीं होगी तो पुराने ख्यालों के लोग अपने विचार धाराएं उन पर थोपेंगे. जिससे नारी का विकास कभी भी नहीं हो पाएगा और हमारे समाज में हमेशा पुरुषों का प्रभुत्व कायम रहेगा.

(3) लैंगिग भेदभाव बढना – नारी पढ़ी-लिखी नहीं होगी तो लैंगिक भेदभाव का बढ़ना तय है क्योंकि कुछ लालची लोग महिलाओं को हमेशा नीचा दिखाने की कोशिश करते है और कुछ लोग अपने घर में केवल बेटा ही चाहते है शिक्षित नारी को बहलाना फुसलाना आसान होता है जिसके कारण वह भी उनकी बातों में आकर अनजाने में लैंगिग भेदभाव को बढ़ावा देगी.

(4) सामाजिक स्तर गिरना – एक अच्छे समाज की कल्पना तभी की जा सकती है जब वहां की महिलाएं शिक्षित हो क्योंकि अगर वे शिक्षित नहीं होंगी तो उनके बच्चे भी शिक्षित नहीं हो पाएंगे और भी गलत विचारधाराओं को अपना लेंगे जिससे समाज का सामाजिक स्तर नीचे गिर जाएगा.

(5) देश के आर्थिक विकास में रुकावट – हमारे देश की लगभग आधी जनसंख्या महिलाएं ही है और अगर भी शिक्षक नहीं होंगी तो कुछ काम नहीं कर पाएंगी जिसके कारण देश की आधी आबादी सिर्फ खाने का काम करेगी जिसे देश में पैसों की कम बचत हो पाएगी और देश का विकास धीमा पड़ जाएगा.

नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के उपाय –

(1) अपने घर से शुरुआत करना – नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए हमें आज जरूरत है कि हम अपने ही घर से शुरुआत करें. जब लोग अपने घरों में महिलाओं को बनाने की शुरुआत कर देंगे तो हमें किसी भी योजना या जागरूकता करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

(2) नारी शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना – आज भी हमारे समाज में महिलाओं और बेटियों को पढ़ाना फालतू का खर्चा माना जाता है जिसके कारण बेटियां पढ़ नहीं पाती है और भविष्य में कुछ नहीं कर पाती है इसलिए हमें लोगों को जागरूक करना होगा कि एक नारी शिक्षित होकर कुछ भी कर सकती है

उन्हें कल्पना चावला, सीता साहू, चंदा कोचर, शांति तिग्गा, आशा रॉय, दुर्गा शक्ति नागपाल,पीवी सिंधु, साइना नेहवाल, सानिया मिर्जा जैसी महिलाओं के उदाहरण देने होंगे जिन्होंने हमारे देश का नाम रोशन किया है.

(3) सरकार द्वारा प्रयास करना – वर्तमान में सरकार द्वारा प्रयास तो काफी किए जा रहे हैं लेकिन जमीनी स्तर पर उनको सही से लागू नहीं किया जा सका है जिसके कारण आज भी महिलाएं शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ी हुई है हमारी सरकार को और ज्यादा अच्छी योजनाएं ला कर उन्हें सही प्रकार से अमल में लाकर महिला शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए.

नारी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई गई योजनाएं – इंदिरा महिला योजना, राष्ट्रीय महिला कोष, सर्व शिक्षा अभियान, रोज़गार तथा आमदनी हेतु प्रशिक्षण केंद्र, महिला समृधि योजना, बालिका समृधि योजना इत्यादी है.

उपसंहार –

अगर हमारे भारत देश को आगे बढ़ना है तो हमारे देश के प्रत्येक नागरिक को शिक्षित होना होगा इनमें हमें महिलाओं को भी शामिल करना होगा क्योंकि वह भी हमारे देश किसी सदस्य के रूप में है आती हैं और उनके बिना देश का विकास होना संभव नहीं है.

21वीं सदी के भारत में पढ़ी लिखी महिलाओं ने अपने अपने क्षेत्र में हमारे देश का नाम रोशन किया है यह बात बताती है कि अगर सभी महिलाएं शिक्षित होगी तो आने वाले वर्षों में भारत सभी देशों में नई पहचान बना लेगा. हमें महिलाओं की शक्ति को कम नहीं आंकना चाहिए.

अगर उन्हें सही अवसर दिया जाए तो वे पुरुषों से भी अधिक कार्य कर सकती हैं इसलिए नारी शिक्षा को बढ़ावा देना बहुत जरूरी है.


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