फुटबॉल पर निबंध – Essay on Football in Hindi

Essay on Football in Hindi : दोस्तों आज हमने फुटबॉल पर निबंध कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9 ,10, 11 & 12 और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए है.

खेल हमारे जीवन के लिए बहुत आवश्यक है इसलिए हमें सभी खेलों को रुचि लेकर खेलना चाहिए. वर्तमान में सभी लोग अपने अपने कामों में लगे रहते हैं जिस कारण खेल नहीं पाते है.

जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है इसलिए में फुटबॉल जैसे खेल खेलते रहना चाहिए.

Essay on Football in Hindi

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हमारे देश में कई प्रकार के खेल खेले जाते हैं उनमें से एक फुटबॉल भी है जो कि पूरी दुनिया में बहुत लोकप्रिय है. भारत में खेल इसलिए लोकप्रिय हुआ क्योंकि इसको खेलना बहुत सस्ता पड़ता है. यह मैदान में खेले जाने वाला खेल है.

फुटबॉल को दो टीम के मध्य खेला जाता है प्रत्येक टीम में 11-11 खिलाड़ी होते है. यह खेल घास के मैदान या फिर कृत्रिम घास के आयताकार मैदान में खेला जाता है.

मैदान की लंबाई 110 मीटर होती है और चौड़ाई मीटर होती है. दो टीम के मध्य एक मैच 90 मिनट तक चलता है जिसमें 15 मिनट का ब्रेक किया जा सकता है.

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इस खेल में फुटबॉल को पैर से ढकेलते हुए दूसरी टीम के गोलपोस्ट में गोल करना होता है जिस टीम के भी ज्यादा गोल होते है वही टीम विजयी घोषित की जाती है.

हर 4 साल में फीफा द्वारा फुटबॉल का सबसे बड़ा आयोजन किया जाता है.

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परिचय –

हमारे देश में आम तौर पर हॉकी क्रिकेट खो खो जैसे खेल लोकप्रिय हैं लेकिन वर्तमान में फुटबॉल के प्रति बच्चों और युवा वर्ग के लोगों का काफी रुझान है.

इसी कारण भारत में भी यह खेल बहुत लोकप्रिय हो गया है आजकल मैदानों में बच्चों द्वारा फुटबॉल खेल खेलते हुए देखा जा सकता है.

फुटबॉल खेलने के लिए दो टीम की आवश्यकता होती है जिनमें प्रत्येक टीम में 11-11 खिलाड़ी होते है, प्रत्येक खिलाड़ी का टीम में एक अहम रोल होता है.

इसमें दोनों टीमों में मैदान में एक गोल कीपर, एक बांया (लेफ्ट) आउट, एक दांया (राइट) आउट, दो हॉफ बैक, चार बैक और दो केन्द्रीय (सेंटर) फॉरवर्ड होते है.

इसका मैदान घास से ढका हुआ 110 मीटर लंबा और 75 मीटर चौड़ा होता है जिसको चिन्हित लाइनों द्वारा बराबर बराबर दो भागों में विभाजित कर दिया जाता है. एक मैच 90 मिनट का होता है जिसमें 15 मिनट का अंतराल होता है.

इसमें हॉकी खेल की तरह ही फुटबॉल को पैर से ढकेलते हुए दूसरी टीम के गोलपोस्ट में पहुंचाना होता है जिसे गोल भी कहा जाता है.

फुटबॉल खेल का महत्व –

फुटबॉल खेल खेलने में कितना मजा आता है उतना ही मजा इसे उत्साह पूर्वक देखने में भी आता है. फुटबॉल खेलने से शारीरिक और मानसिक विकास होता है शरीर स्वस्थ रहता है और मन एकाग्र रहता है.

जिससे बच्चों को यह खेल खेलने से बहुत लाभ होता है. फुटबॉल खेल खेलने से संपूर्ण शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से होता है जिससे पाचन शक्ति मजबूत होती है.

फुटबॉल खुले मैदान में दौड़कर खेले जाने वाला खेल है इसलिए दौड़ने से अधिक मात्रा में पसीना आता है जिससे शरीर की सभी कीटाणु पसीने के साथ बाहर निकल जाते है.

यह बहुत ही रोचक खेल है इसे खेलने के लिए दिमाग को एकाग्र रखना बहुत जरूरी होता है इसलिए जो भी बच्चे खेल को खेलते है उनका दिमाग दिन प्रतिदिन बेहतर और कुशल होता जाता है.

फुटबॉल खेल शरीर को तो स्वच्छ बनाता ही है साथ ही अगर कोई इसे कैरियर के रूप में लेना चाहे तो इसमें अच्छा वित्तीय वेतन भी मिलता है.

निष्कर्ष –

किसी ने सच ही कहा है कि खेल ही जीवन है इसलिए में फुटबॉल के साथ-साथ अन्य खेल में खेलने चाहिए. खेल खेलने से हमारा शरीर तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही मन भी खुश रहता है.

भागदौड़ भरे जीवन में हम खेलों को भूलाने लगे है इसलिए जरूरत है कि हम फिर से अपने बच्चों को आउटडोर गेम खेलने के लिए प्रोत्साहित करें.

Full Essay on Football in Hindi 1100 Words


परिचय –

जिस प्रकार मानव मस्तिक को स्वस्थ रखने के लिए ध्यान और शिक्षा की आवश्यकता होती है उसी प्रकार शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल खेलना बहुत आवश्यक है, इसीलिए मानव जीवन में खेलों का विशिष्ट महत्व है.

खेल हमारे जीवन का हिस्सा है इनके बिना जीवन नीरस सा हो जाता है. इसीलिए हमारे देश में प्रत्येक प्रकार के खेल को महत्व दिया जाता है. फुटबॉल खेल भी इन्ही खेलों में से एक है जिसको पूरे विश्व में खेला जाता है.

भारत में भी यह खेल बहुत लोकप्रिय है लेकिन बंगाल में फुटबॉल को सबसे अधिक खेला जाता है. फुटबॉल रूस का राष्ट्रीय खेल है.

फुटबॉल खेल का इतिहास –

फुटबॉल खेल की उत्पति बहुत पुरानी है फीफा के अनुसार खेल की प्रारंभिक शैली की उत्पत्ति चाइना में हुई थी इसके अलावा रोमन द्वारा खेले जाने वाला खेल “हर्पस्तम” फुटबॉल का दूसरा पूर्वज कहा जा सकता है.

19वीं शताब्दी के मध्य तक इंग्लैंड की पब्लिक स्कूलों में इस खेल को कई रूपों में खेला जाने लगा. सबसे पहले इस खेल के रूल कैंब्रिज विश्वविद्यालय में तैयार किए गए थे इस नियम बनाने की प्रणाली में फुटबॉल संस्थान भी शामिल थी.

आधुनिक फुटबॉल के नियम इंग्लैंड में द फुटबॉल एसोसिएशन (फुटबॉल संघ) के गठन के द्वारा बनाई गई जिसके 1863 में बने लॉज़ ऑफ द गेम (खेल के कानून) के आधार पर ही आज फुटबॉल खेल खेला जाता है.

फुटबॉल खेल को लोकप्रिय करने के लिए फेडरेशन इंटरनेशनल द फुटबॉल असोसिएशन (फीफा), अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल संस्था का गठन 1904 में पेरिस में किया गया.

फुटबॉल खेलने की प्रक्रिया –

इस खेल को खेलने के लिए फुटबॉल की आवश्यकता होती है जो कि गेद जैसी गोलाकार होती है लेकिन यह चमड़े बनी होती है जिसके मध्य में हवा भरी हुई होती है. अक्टूबर को एक आयताकार मैदान जो की घास से ढका हुआ हो या फिर कृत्रिम घास से बनाया हुआ हो उसके अंदर खेला जाता है.

मैदान को दो टीम के लिए चिन्हित लाइनों द्वारा बराबर बराबर हिस्सों में बांट दिया जाता है फिर दोनों टीम मध्य टॉस किया जाता है जो टीम टॉस जीतती है वही सबसे पहले खेल चालू करती है.

इसमें दोनों टीमों में मैदान में एक गोल कीपर, दो हॉफ बैक, चार बैक, एक बांया (लेफ्ट) आउट, एक दांया (राइट) आउट और दो केन्द्रीय (सेंटर) फॉरवर्ड होते है.

मैच शुरू होने से पहले फुटबॉल को मैदान के बीचो-बीच रखकर टॉस जीतने वाली टीम का एक खिलाड़ी प्रतिद्वंदी टीम वाले बहुत की तरफ “किक” मारता है

फिर अन्य खिलाड़ियों को फुटबॉल को पैर से ढकेलते हुए एक दूसरे को फुटबॉल पास करते हुए दूसरी टीम के गोलपोस्ट में पहुंचाना होता है.

जैसे ही फुटबॉल दूसरी टीम के गोलपोस्ट में पहुंचाता है तो एक गोल मान लिया जाता है इसी तरह जो टीम ज्यादा गोल करती है वही टीम विजयी घोषित कर दी जाती है.

फुटबॉल खेलते समय इसके नियमों का भी ध्यान रखना पड़ता है इसके नियम हमने नीचे लिखे हैं.

फुटबॉल खेल के नियम –

(1) इस खेल में मैदान की लंबाई कम से कम 100 गज और 130 से अधिक नहीं होती है और मैदान की चौड़ाई कम से कम 50 गज और 100 गज से अधिक नहीं होती है.

(2) अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल मैच के दौरान मैदान की लंबाई 120 गज से अधिक और 110 गज से कम नहीं हो सकती है और मैदान की चौड़ाई 80 गज से अधिक किंतु 70 गज से कम नहीं होती है.

(3) फुटबॉल का मैदान 2 लंबी रेखाओं (स्पर्श लाइन) और दो छोटी साइड (गोल लाइन) चेक तैयार किया जाता है.

(4) ‘डी’ (अर्ध-चंद्राकार) गोल पोस्ट से 6 गज की दूरी पर होता है.

(5) फुटबॉल का आकार 27 इंच से अधिक नहीं होता है.

(6) फुटबॉल का वजन 14 औस से कम और 16 औस से अधिक नहीं होता है.

(7) इस खेल में दो निर्णायक और दो कप्तान होते है.

(8) फुटबॉल खेलने के लिए प्रत्येक टीम में 11-11 खिलाड़ी होते है किंतु एक टीम में सात खिलाड़ी होने आवश्यक होते हैं नहीं तो यह खेल नहीं खेला जा सकता है.

(9) इस खेल में 45-45 मिनट के दो राउंड होते है जिनके मध्य 15 मिनट का ब्रेक होता है.

(10) फुटबॉल को गोलकीपर के अलावा कोई भी खिलाड़ी हाथ नहीं लगा सकता है.

(11) एक गोल हो जाने के बाद दोबारा से फुटबॉल को मैदान के मध्य में रखकर “किक” किया जाता है.

(12) इस खेल में दोनों टीम के खिलाड़ियों की यूनिफॉर्म अलग अलग होती है जिससे खिलाड़ियों को पहचानने में दिक्कत नहीं होती लेकिन गोलकीपर की यूनिफॉर्म सबसे भिन्न होती है.

(13) स्कूप, पेनल्टी, किक, थ्रो-इन, ऑफ साइड, टच डाउन, स्ट्रापर, ड्रापकिक यह फुटबॉल खेल की शब्दावलीयां है जिनको फुटबॉल खेलने वाले खिलाड़ी अच्छी तरह से जानते है.

फुटबॉल खेलने के लाभ –

खेल हमारे जीवन में अहम स्थान रखते है खेलों के कारण ही हमारा शारीरिक और मानसिक विकास हो पाता है सभी खेलों को खेलने से कुछ ना कुछ लाभ होता है इसी प्रकार फुटबॉल खेलने से भी बहुत लाभ होता है जो कि निम्नलिखित है –

(1) फुटबॉल खेलने वाले खिलाड़ी से मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक और वित्तीय रूप से मजबूत होते है.

(2) इस खेल को खेलने से शरीर में रक्त का प्रवाह सुचारू रूप से होता है जिसके कारण संपूर्ण शरीर में चुस्ती स्फूर्ति बनी रहती है.

(3) फुटबॉल खेलने के लिए हमेशा दिमाग को अलर्ट रखना पड़ता है जिसके कारण दिमाग की एकाग्रता की शक्ति बढ़ जाती है.

(4) खेल खेलने से हाथ और पैरों की मांसपेशियां हष्ट पुष्ट हो जाती है.

(5) फुटबॉल खेलने से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो जाती है जिससे उन्हें कम बीमारियां होती है.

(6) इस खेल में अगर खिलाड़ी हार भी जाते है तो उन्हें सम्मान के साथ गले लगाया जाता है जिसके कारण बच्चों में एक दूसरे के प्रति सम्मान की भावना जागृत होती है.

(7) फुटबॉल खेलने से दृढ़ इच्छा का निर्माण होता है.

(8) इस खेल को खेलने वाले बच्चे उत्सुक और जिज्ञासु बनते है जो कि उनको कैरियर बनाने में बहुत काम आता है

(9) फुटबॉल खेलने से मोटापे और आलस्य से छुटकारा मिल जाता है.

(10) इस खेल को खेलने से व्यक्ति साहसी और कर्मठ बनता है.

फुटबॉल के प्रसिद्ध खिलाड़ी –

फुटबॉल खेलने वाले बहुत से प्रसिद्ध खिलाड़ी हुए है जिनमें से कुछ के नाम इस प्रकार है –

अरुण घोष, मेवालाल, मनजीत सिंह, वाइचिंग भूटिया, पी.के. बनर्जी, श्याम थापा, प्रशांत बैनर्जी, शाबिर अली, पेले, चुन्नी गोस्वामी, चन्दन सिंह, इंद्र सिंह, जरनैल सिंह इत्यादि है.

उपसंहार –

खेल चाहे किसी भी प्रकार का हो हमें हमेशा अपने बच्चों को और स्वयं खेलना चाहिए, यह हमें जीवन जीने का तरीका सिखाते है साथ ही हमारी शरीर के लिए भी लाभदायक होते है.

वर्तमान में लोग ज्यादातर कंप्यूटर और मोबाइल में खेल खेलने में बिताते है जिसका हमारे स्वास्थ्य पर बहुत अधिक बुरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए हमें मैदान में खेले जाने वाले खेलों की ओर ध्यान देना चाहिए इनमें सबसे अच्छा फुटबॉल खेल है जिसको बड़े और बच्चे साथ मिलकर खेल सकते है.

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