Nipah Virus क्या है, लक्षण और बचाव के उपाय

निपाह वायरस यह वायरस मलेशिया और बांग्लादेश के बाद भारत में बहुत तेजी से फैल रहा है, भारत के केरल राज्य में Nipah Virus से संक्रमित लोग पाए गए हैं और कुछ लोगों की इस वायरस से मृत्यु भी हो चुकी है. नेपाली वायरस सन 1998 – 1999  के बीच सिंगापुर – मलेशिया में सुअरों में पाया गया था.

बाद में धीरे-धीरे इससे चमगादड़ भी संक्रमित हो गए. इस वायरस ने सबसे पहले मलेशिया के निपाह नामक गांव के एक व्यक्ति  की मृत्यु इस वायरस की चपेट में आने से हो गई थी. बाद में उसी व्यक्ति के गांव के नाम पर इस वायरस का नाम निपाह वायरस रख दिया गया.

Nipah Virus Kya hai, symptoms and precautions. 

Nipah Virus know more about symptoms and precautions

निपाह वायरस विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार – Nipah Virus in hindi

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार यह वायरस फल और सब्जियां खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है ऐसे चमगादड़ों को Fruit Bat या Flying Fox के नाम से भी जाना जाता है. और साथ ही है सूअरों से भी फैल सकता है. यह बहुत घातक वायरस है जो कि जीव जंतुओं के साथ-साथ मनुष्य में भी फैलता है जिसके कारण मृत्यु हो सकती है.

भारत में पहली बार निपाह वायरस का कब पता चला – Nipah Virus India me

भारत में पहली बार नेपाल वायरस 2001 में पश्चिम बंगाल में सबसे पहले इससे संक्रमित रोगी मिले थे.  इसके बाद यह 2007 में फिर से पश्चिम बंगाल में इस से संक्रमित लगभग 75 रोगी मिले थे जिनमें से 50 की मृत्यु हो गई थी. और अब 2018 में यह केरल राज्य (kerala State) में बहुत तेजी से फैल रहा है इसके कारण अभी तक 11 लोगों की मृत्यु हो चुकी है.

निपाह वायरस क्या है – Nipah Virus Kya hai 

निपाह वायरस एक जानलेवा वायरस है, अगर कोई व्यक्ति इससे संक्रमित हो जाता है तो और अगर सही समय पर उसे इलाज नहीं मिलता तो उसकी मृत्यु भी हो सकती है. यह वायरस चमगादड़ के झूठे फल खाने से और सूअरों के संपर्क में आने से होता है. पहली बार इस वायरस से संक्रमित लोग मलेशिया के कांपुंग सुंगई निपाह गांव में पाए गए थे. इसके बाद 2004 में बांग्लादेश में इस वायरस ने बहुत तबाही मचाई थी.

निपाह वायरस कैसे फैलता है – Nipah Virus Kaise Failta hai 

  1. यह वायरस सूअरों के संपर्क में आने से फैलता है.
  2. अगर कोई व्यक्ति चमगादड़ों के खाए हुए फल या सब्जियों को खा लेता है तो उससे भी है वायरस फैलता है.
  3. अगर कोई व्यक्ति इस वायरस से संक्रमित है तो अगर दूसरा कोई व्यक्ति व्यक्ति के संपर्क में आता है तो वह भी संक्रमित हो जाता है. सामान्य शब्दों में कहें तो यह संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आने से भी फैलता है.

निपाह वायरस के लक्षण – Nipah Virus ke Symptoms

इस वायरस से संक्रमित होने पर यह सीधा मनुष्य के दिमाग और शरीर पर हमला करता है  जिससे यह मनुष्य की सोचने की शक्ति कम कर देता है और साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम कर देता है जिससे मनुष्य तेजी से बीमार पड़ने लगता है.

आइए जानते हैं निपाह वायरस से संक्रमित होने पर क्या क्या लक्षण दिखाई देते हैं –

इससे संक्रमित व्यक्ति को तेज बुखार आती है और साथ ही सिर दर्द, आलस आना, भ्रमित होना, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना, उल्टी आना, पूरा शरीर दर्द करने लग जाता है.

जब भी आप किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखे तो तुरंत उसे अस्पताल लेकर जाएंगे क्योंकि यह वायरस बहुत तेजी से शरीर में फैलता है और इसे जल्द ही मनुष्य की मृत्यु हो जाती है.

निपाह वायरस के प्रभाव – Nipah Virus ke Parbhav

  • यह सबसे पहले मनुष्य की मस्तिष्क पर प्रभाव डालता है इससे  पहले तो तेज सर दर्द होता है फिर अगर किसी को सही समय पर इलाज नहीं मिले तो वे 24 से 48 घंटों के बीच में कोमा में भी जा सकता है.
  • इस वायरस के संपर्क में आने से तेज बुखार होती है और साथ ही पूरा शरीर दर्द करता है.
  • इस वायरस के संपर्क में आने से जल्दी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है अगर उसे सही समय पर मेडिकल हेल्प नहीं मिली तो.

निपाह वायरस से बचाव के उपाय – Nipah Virus Treatment in Hindi

  • डॉक्टर के सुझाव के अनुसार मुख्यतः यह बीमारी चमगादड़ों द्वारा फैलाई जाती है इसलिए जब भी कोई  चमगादड़ों द्वारा गए बलिया सब्जियों का सेवन कर लेता है तो वह इस वायरस का शिकार हो जाता है. इसलिए एहतियात के तौर पर जमीन पर पड़े हुए फल या सब्जी नहीं खाएं.
  • जो व्यक्ति से संक्रमित है उसके पास न जाए क्योंकि यह वायरस संक्रमित व्यक्तियों की संपर्क में आने से भी फैलता है.
  • यह वायरस सूअरों में भी पाया जाता है तो सूअरों से भी दूरी बनाकर रखें.
  • फल व सब्जियां खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लें.
  • अगर आप कहीं बाहर घूम कर आ रहे हैं तो अच्छे से अपने हाथ, पांव और मुंह है साबुन से धो लें.
  • अगर कोई व्यक्ति इससे संक्रमित हो जाता है तो उसे रिबावायरिन नामक दवाई दी जानी चाहिए और उसकी ठीक तरह से देखभाल करनी चाहिए. इस दवाई का असर मनुष्य पर कितना कारगर है अभी तक यह पता नहीं लगाया जा सका है.
  • मनुष्य और जानवरों के लिए इस वायरस से बचने के लिए अभी तक कोई टीका नहीं बनाया गया इसलिए सावधानी पूर्वक रहना ही सबसे बड़ा बचाव है.
  • जिन क्षेत्रों में यह वायरस फैल चुका है वहां जाने से बचें.

निपाह वायरस से बचाव के लिए भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयास –

केंद्र सरकार ने इस घातक वायरस से बचाव के लिए डॉक्टरों की एक उच्च स्तरीय टीम बनाई है जो कि केरल जाकर लोगों को इस वायरस से बचाने में मदद करेंगे. इस टीम में राष्ट्रीय रोग प्रतिरक्षा संस्थान, पशुपालन विभाग और भारतीय चिकित्सा शोध परिषद डॉक्टर और अधिकारी मौजूद है जो कि इसके फैलने के कारणों पर शोध भी करेंगे.

  • सरकार ने संक्रमित लोगों के संपर्क में आए लोगों की लिस्ट बनाई है  और उनको एहतियात के तौर पर अन्य लोगों से अलग रखा गया है उनकी जांच चल रही है.
  • अस्पतालों में इस बीमारी से संक्रमित लोगों के लिए एक अलग से वार्ड बनाने की अपील की गई है.
  • लोगों को भी इस वायरस से सतर्क रहने के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन निकाला है.

अगर आपको निपाह वायरस के बारे में कुछ पता है तो नीचे कमेंट करके जरूर बताएं और साथ ही अगर आपको यह जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों और परिवार वालों में शेयर करना ना भूलें



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