हरि शब्द रूप – Hari Shabd Roop

Hari Shabd Roop : दोस्तों आज हमने हरि शब्द के रूप लिखे है। हरि इकारान्त पुल्लिग शब्द है, संस्कृत भाषा में वाक्य बनाने के लिए शब्दों के रूप बनाने पड़ते है अतः वाक्य के निर्माण के लिए एक शब्द के अनेक रूप होने आवश्यक है।

हरि शब्द (विष्णु): इकारांत पुल्लिंग रूप, हरी शब्द के तृतीया विभक्ति एकवचनऔर षष्ठी विभक्ति बहुवचन के रूप में ‘न’ के स्थान पर ‘ण’ हो जाता हैं शेष नियम यथावत हैं

Hari Shabd Roop in Sanskrit

विभक्तिएकवचनद्विवचनबहुवचन
प्रथमाहरिःहरीहरयः
द्वितीयाहरिंहरीहरीन्
तृतीयाहरिणाहरिभ्याम्हरिभिः
चतुर्थीहरयेहरिभ्याम्हरिभ्यः
पंचमीहरेःहरिभ्याम्हरिभ्यः
षष्ठीहरेःहर्योःहरीणां
सप्तमीहरौहर्योःहरिषु
सम्बोधनहे हरे!हे हरी!हे हरयः!
Hari Shabd Roop

नोट:- हरि शब्द के रूप इसी प्रकार इकारान्त पुल्लिग शब्दमुनि, कपि, गिरि, रवि, ऋषि, कवि अदि के रूप भी चलेंगे।

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