राजस्थान में लगी आचार संहिता, अब ये 8 काम नहीं हो सकते है

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Aachar Sanhita in Rajasthan 2023 Date चुनाव आयोग ने आज 9 अक्टूबर से राजस्थान समेत मध्य प्रदेश, मिजोरम, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लागु कर दी है। आपको बता दे की राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने वाले है जिसके लिए Election commission ने आचार संहिता लगाई है।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 23 नवम्बर को होगा और 3 दिसंबर को राजस्थान चुनाव की मतगणना होगी।

Aachar Sanhita in Rajasthan 2023 Date

आज 9 अक्टूबर से राजस्थान समेत मध्य प्रदेश, मिजोरम, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में आचार संहिता लागु हो जाएगी। इसके बाद सभी सरकारी कार्यो पर रोक लग जाती है जैसे सरकार नई भर्ती, योजना या कोई अन्य कानून लागू नहीं कर सकती है।

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क्या होती है आचार संहिता?

आचार संहिता (Model Code of Conduct) राजनीतिक दलों एवं प्रत्याशियों के लिए बनाई गई एक नियमावली है जिसके पालन चुनाव के दौरान की जाती है। इसकी घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जाती है और यह चुनाव समाप्त हो जाने के बाद हटा दी जाती है।

आपको बता दे कि आदर्श आचार संहिता की शुरुआत सबसे पहले साल 1960 में केरल विधानसभा चुनाव में हुई थी। वर्ष 1962 में हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार चुनाव आयोग ने इस संहिता के बारे में राजनीतक पार्टियों को बताई थी। 

1967 के लोकसभा और विधानसभा चुनावों में चुनाव आयोग ने सभी सरकारों से इसे लागू करने का आदेश दिया था जिसके बाद से आजतक इसका पालन किया जाता है।

क्यों लगाई जाती है आचार संहिता?

चुनाव आयोग द्वारा निष्पक्ष चुनाव करवाने के लिए आचार संहिता लगाई जाती है इसमें कोई भी नेता अपने अधिकारों का उपयोग करके कोई भी गलत कार्य नहीं कर सकता है। साथ ही जो वर्तमान सरकार है उसके भी सारे अधिकार छीन लिए जाते है ताकि वह अपने अधिकारों का दुरूपयोग करके चुनाव प्रक्रिया में कोई भी दखल नहीं दे सकती है।

आचार संहिता लगने के बाद नहीं कर सकते ये काम Aachar Sanhita Rules in Hindi

  • सरकार किसी भी प्रकार की नई योजना लागु नहीं कर सकती है।
  • जाति, धर्म और क्षेत्र से संबंधित मुद्दे नहीं उठा पाएंगे राजनीतिक दल और उम्मीदवार।
  • आचार संहिता लागू होने के बाद केंद्र या राज्य सरकार किसी नई योजना और नई घोषणाएं नहीं हो सकतीं.कोई भूमि पूजन और लोकार्पण भी नहीं हो सकता है।
  • आचार संहिता लागू होते ही दीवारों पर लिखे गए सभी तरह के राजनितिक पार्टी संबंधी नारे व प्रचार सामग्री हटा दी जाती हैं।
  • राजनीतिक दलो को रैली, जुलूस या फिर मीटिंग के लिए परमिशन लेनी होती है।
  • मतदान केंद्रों पर वोटरों को लाने के लिए गाड़ी मुहैया नहीं करवा सकते है।
  • सरकारी योजनाओं का प्रचार भी नहीं किया जा सकता है।
  • सरकार किसी भी प्रकार की भर्ती नहीं निकाल सकती है ना ही ट्रांसफर कर सकती है।
  • भारी भीड़ के जमावड़े पर रोक लगा दी जाती है।
  • सरकारे ससरकार के पैसो को उपयोग नहीं कर सकती है।

नियम तोड़ने पर क्या होगी कार्यवाही

जैसे ही चुनाव आयोग आचार संहिता लागू करता है वैसे ही सभी सरकारी कर्मचारी निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते है आयोग द्वारा दिए गये दिशा-निर्देश के अनुसार ही कार्य करते है।

अगर कोई भी आचार संहिता का उल्लघंन करता है तो उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है और उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा सकती है दोषी होने पर जेल की सजा भी हो सकती है।

FAQ’S

राजस्थान में आचार संहिता कब लगेगी 2023

9 अक्टूबर 2023 से राजस्थान में आचार संहिता लागु हो जाएगी।

आचार संहिता कितने दिन लगती है

आचार संहिता की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की जाती है और यह चुनाव समाप्त हो जाने के बाद हटा दी जाती है।

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