अच्छा हो मजाक कहानी – Moral Hindi Story

Accha ho Majak Moral Story in Hindi : दोस्तों आज हमने अच्छा हो मजाक कहानी कक्षा 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12 के विद्यार्थियों के लिए लिखा है।

इस कहानी प्रेरणादायक कहानी को पढ़कर आपको मजाक करने के बारे में पता चलेगा, आपके द्वारा किया गया मजाक दूसरे के जीवन में कितना प्रभाव डाल सकता है।

इस कहानी के द्वारा आप को भलीभांति समझ आ जाएगा इसलिए इस कहानी को पढ़कर ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।

Accha ho Majak Moral Story in Hindi

Accha ho Majak Hindi Kahani for Class 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 10, 11 & 12 Students.

Accha ho Majak Moral Story Hindi


कुछ बालक खेतों में से होकर गुजर रहे थे…

वे एक दूसरे के साथ हंसी मजाक करते हुए चल रहे थे तभी उन्हें अचानक एक पेड़ के नीचे किसान के पुराने फटे हुए जूते दिखाई दिए।

बच्चों ने इधर उधर नजर दौड़ाई तो खेत के दूसरे किनारे पर एक किसान अपना कार्य कर रहा था वह अपने कार्य में मग्न था और दूरी अधिक होने के कारण वह उन बच्चों को अपने जूतों के साथ छेड़छाड़ करते हुए देख नहीं पाया।

बच्चों का मन चंचल होता है इसलिए उन्हें एक शरारत सूझी, एक बच्चे ने कहा कि हम जूतों में छोटे-छोटे कंकड़ भर देते है फिर किसान जब शाम को लौट कर जूतों को पहनेगा तो उसके पत्थर चुभेंगे…

उसे समझ नहीं आएगा कि जूतों में कंकड़ कौन भर गया और यह दृश्य देखने लायक और मजेदार होगा…

सभी बच्चों ने अपनी सहमति देते हुए इस विचार के लिए हां में हां मिलाने शुरू कर दी लेकिन तभी एक बच्चे ने अचानक तेज स्वर में बोला नहीं हम ऐसा नहीं कर सकते इससे किसान के पैर जख्मी हो सकते है।

उसने कहा…!

क्यों ना हम किसान के जूतों में कुछ सिक्के डाल दें, जब किसान लौटकर आएगा तो वह अपने जूतों में सिक्के देखकर अचंभित हो जाएगा और सिखों को देखकर उसके चेहरे पर कैसी खुशी आती है यह देखने लायक पल होगा।

सभी बच्चों ने इस बात पर सहमति जताई और जूतों में कुछ सिक्के डाल दिए और एक पेड़ के पीछे जाकर छुप गए।

कुछ समय पश्चात किसान पेड़ के नीचे आया और जूते पहनने लगा तभी उसे महसूस हुआ कि जूतों में कुछ है।

उसने जूते निकाल कर देखा तो उसमें कुछ सिक्के थे, यह देखकर वह हैरान रह गया और उसने इधर उधर देखा तो कोई नहीं दिखाई दिया

….फिर उसने जोर-जोर से आवाज लगाई, भाई पैसे किसके है?

कोई जवाब नहीं मिलने पर किसान ने आसमान की तरफ देखकर कहा, शुक्रिया भगवान! आपने मेरा इंतजाम कर दिया।।

अब मैं अपने बच्चों को आराम से खाना खिला पाऊंगा, किसान के चेहरे पर खुशी के भाव थे और आंखों में खुशी के आंसू थे।

बच्चे किसान की खुशी देखकर बहुत खुश हुए।

Moral of This Story Hindi

शिक्षा – मजाक ऐसा करें जिससे सामने वाले को कष्ट ना पहुंचे।

ज्ञान – जब भी आप किसी से मजाक करते हैं तो उतना ही मजाक करना चाहिए जितना की आप सह सकते हो। कोई भी मजाक करने से पहले उस मजाक को अपने आप पर लेकर देख लेना चाहिए।

क्योंकि आपके द्वारा किया गया मजाक किसी को कष्ट पहुंचा सकता है या फिर ऐसा कष्ट पहुंचा सकता है जो कि उसके जीवन के लिए हानिकारक हो सकता है।


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